Saturday, August 15, 2026

प्रधानमंत्री को सोनाली चक्रवर्ती की चिट्ठी : “हमें गालियों से चाहिए” आजादी

भिलाई : न्यूज़ 36 : भिलाई की सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सोनाली चक्रवर्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सार्वजनिक जीवन में बढती अभद्र भाषा और विशेष रुप से स्त्री विरोधी गालियों पर चिंता जताई है। उन्होंने मांग की है कि स्त्री विरोधी एवं अश्लील गालियों के इस्तेमाल पर कड़े दंड का प्रावधान किया जाए तथा OTT प्लेटफॉर्म के लिए शीघ्र सेंसर बोर्ड का गठन किया जाए।

डॉ. चक्रवर्ती पिछले ढाई वर्षों से “एक युद्ध अभद्र भाषा के विरुद्ध” अभियान चला रही हैं। स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने भिलाई की स्वयंसिद्धा संगठन से जुड़ी महिलाओं के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय को यह पत्र भेजा। पत्र के साथ अभियान के पिछले ढाई वर्षों की रिपोर्ट भी प्रेषित की गई है।

“जिस दिन का डर था, वह दिन जंतर-मंतर पर आ गया”

प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में डॉ. चक्रवर्ती ने कहा कि जिस दिन का डर था, आखिर वह दिन जंतर-मंतर पर आ ही गया। उन्होंने OTT कंटेंट में बढ़ती गालियों को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि बच्चों के बीच गालियां इतनी सामान्य होती जा रही हैं कि वे इन्हें रोजमर्रा की बोलचाल का हिस्सा मानने लगे हैं।

उनका कहना है कि अभद्र भाषा के सामान्यीकरण का असर अब देश, समाज, बुजुर्गों और संवैधानिक पदों के प्रति सम्मान पर भी दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि जब तक सार्वजनिक महिलाओं के अपमान के लिए इस्तेमाल होने वाली अश्लील एवं स्त्री विरोधी गालियों पर सजा का स्पष्ट प्रावधान नहीं होगा, तब तक इस समस्या का प्रभावी समाधान संभव नहीं है।

10 हजार से अधिक बच्चों और युवाओं तक पहुंचा अभियान

डॉ. सोनाली चक्रवर्ती के अनुसार, पिछले ढाई वर्षों के दौरान उन्होंने स्कूलों में जाकर 10 हजार से अधिक बच्चों एवं युवाओं को सभ्य भाषा के प्रति जागरुक करने के लिए निशुल्क कार्यशालाएं आयोजित की हैं। अभियान के माध्यम से बच्चों और युवाओं को सम्मानजनक भाषा के इस्तेमाल तथा अभद्र शब्दों से होने वाले सामाजिक प्रभावों के प्रति जागरुक किया जा रहा है।

उन्होंने अपने पत्र में पूर्व में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को लिखे पत्र का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार, उस पत्र के बाद मंत्रालय द्वारा अभद्र भाषा, अश्लील एवं हिंसक दृश्य प्रदर्शित करने वाले 18 OTT प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद किया गया था।

200 से अधिक महिलाओं ने किया समर्थन

प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र पर 200 से अधिक महिलाओं के हस्ताक्षर शामिल हैं। इनमें रीता वैष्णव, लक्ष्मी साहू, रुमा दे, बिंदु नायक, रत्ना दुफारे, श्रुति तिवारी, ज्योति गांधी, गीता चौधरी, मधु देवांगन और राजकुमारी कनौने सहित अन्य महिलाएं शामिल हैं।

डॉ. चक्रवर्ती ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि अभद्र और स्त्री विरोधी भाषा के बढ़ते चलन पर प्रभावी कानूनी रोक लगाने के साथ-साथ OTT सामग्री की निगरानी के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए, ताकि बच्चों और युवाओं पर पड़ने वाले इसके नकारात्मक प्रभाव को रोका जा सके।

“माननीय प्रधानमंत्री जी, हमें गालियों से आजादी चाहिए” – इसी संदेश के साथ उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर अपने अभियान को आगे बढ़ाते हुए केंद्र सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की है।

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