बढ़ती खुराफात और उसकी रोकथाम के लिए उलेमा-ए-भिलाई की बैठक में लिए गए कई फैसले
भिलाई : न्यूज़ 36 : हजरत सैयद बाबा कुतुबे भिलाई के उर्स के मौके पर हुए अप्रिय और भौंडे प्रदर्शन के खिलाफ अंचल के तमाम मस्जिदों के इमाम और आलिमों ने सख्त एतराज जताया है। इस सिलसिले में दरगाह परिसर में हुई बैठक में सभी ने कुछ लोगों द्वारा की गई इस हरकत की निंदा की और आगे से उर्स में डीजे और तमाम गैर शरई कामों पर पूरी तरह रोक लगाने की बात कही गई।
गौरतलब है कि उर्स के दौरान पिछले हफ्ते एक समूह की तरफ से निकाले गए संदल में भौंडे नृत्य प्रदर्शन से तमाम लोग सकते में आ गए थे। इसके बाद सभी ने इसकी निंदा की और ऐसी हरकतों पर रोक लगाने की मांग की। इसके बाद इस समूह ने भी अपनी गलती मानते हुए अवाम से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी है।
इसी सिलसिले में 22 मई शनिवार सुबह 10 बजे, दारुल उलूम इस्लामिया कैंप -2 की इमामे आज़म लाइब्रेरी में उलमाए किराम की बैठक रखी गई थी। जिस में नाच गाने और बेहूदगी को रोकने के संबंध में विस्तार से विचार-विमर्श हुआ ।
इसके बाद तमाम आलिमे दीन ने मज़ार पहुंच कर भिलाई-3 उर्स कमेटी और कमेटी के सदर रुस्तम खान से मुलाकात की। उर्स कमेटी की बातों को तफसील के साथ सुनने के बाद उलेमा ने कहा कि“आइंदा इस तरह के गैर शरई कामों से उर्स और उर्स की तक़रीबात को पाक व साफ रखा जाए। खास कर डीजे, नाच गाने और मर्दों-औरतों के किसी तरह के प्रदर्शन पर पूरी तरह पाबंदी हो। क्योंकि यह सब नाजायज व हराम होने के साथ उर्स में पायी जाने वाली तरह तरह की बुराइयों और फितने फसाद की जड़ भी है। “
उर्स कमेटी ने यकीन दिलाया कि आइंदा ऐसा नहीं होगा। गलत करने वालों को सख्ती के साथ रोका जाएगा। और उर्स की तमाम रस्म शरीअत के मुताबिक़ ही अदा की जाएंगी। इस बैठक में मुफ्ती जलालुद्दीन रज़वी, मुफ्ती शाहिद अली मिस्बाही, मुफ्ती कलीम अशरफ कादरी, मुफ्ती जामी कमर अज़हरी, मौलाना इक़बाल अंजुम अशरफी, मौलाना गुलाम मुहियुद्दीन रज़वी, मौलाना अमीर अहमद सालिम उल कादरी, कारी शमशीर अली अशरफी और अन्य लोगों ने भागीदारी दी।
