दुर्ग : न्यूज़ 36 : रेलवे स्टेशन दुर्ग पर हवाई हमले के दौरान शासन प्रशासन द्वारा की जाने वाली तैयारी की मॉक ड्रिल बुधवार को की गई, जिसमें सबसे पहले सायरन बजाया गया। इसके उपरांत लोगों द्वारा एक सुरक्षित आश्रय स्थल की ओर जाने की कार्रवाई की गई । जो लोग शेल्टर में नहीं जा पाए वे लोग अपने-अपने जगह पेट के बल लेट कर कैसे अपने आप की प्रोटेक्शन करते हैं इसको दिखाया गया । हमला के दौरान होने वाले घायलों को प्राथमिक उपचार कैसे दिया जाए इसका प्रैक्टिकल दिखाया गया । उनका मेडिकल कैंप की ओर ले जाने के तमाम विधियों का प्रदर्शन किया गया । साथ ही ब्लैक आउट में की जाने वाली तैयारी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।इसके अलावा हवाई हमले के दौरान यदि कहीं पर आग लग जाए तो उपलब्ध साधनों से किस प्रकार से आग को बुझाया जाए और विभिन्न प्रकार के अग्निशमन यंत्रों का प्रयोग कैसे किया जाए इन सभी प्रकार के विधियों का एक जीवंत प्रदर्शन किया गया । इस मॉक ड्रिल में सिविल डिफेंस के 30 स्टाफ और स्काउट एंड गाइड के 15 सदस्य, 20 वाणिज्य विभाग के स्टाफ एवं आरपीएफ के 15 स्टाफ और रेलवे के दूसरे कर्मचारी लगभग 120 स्टाफ मौजूद थे । रेलवे स्टाफ के अलावा अन्य लगभग 500 यात्रियों ने इस मॉक ड्रिल को देखा और ट्रेनिंग की पूरी जानकारी ली ।
इसके अलावा दुर्ग के रेलवे कॉलोनी में निवासरत लोगों को सायरन बजने के बाद और ब्लैकआउट में की जाने वाली कार्रवाई को सिविल डिफेंस के द्वारा करके बताया गया है। इसमें सिविल डिफेंस के कोटेश्वर राव, टीएन तिवारी, रमेश, एम मानिकपुरी की उल्लेखनीय भूमिका रही।
आप की राय
[yop_poll id="1"]
