न्यायालय के निर्देश के बाद कोतवाली पुलिस ने दर्ज किया मामला
दुर्ग : न्यूज़ 36 : पेटीएम बिजनेस एप के जरिए लोन और रकम ट्रांसफर कर धोखाधड़ी करने के आरोप में कोतवाली पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर एक पेटीएम एजेंट के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।
आरोपी पर महिला व्यवसायी के मोबाइल से उनकी जानकारी के बिना लोन लेकर रकम अपने खाते में ट्रांसफर करने का आरोप है।
कृषि केंद्र संचालिका से हुई कथित ठगी
जानकारी के अनुसार, गंजपारा निवासी एवं शर्मा कृषि केंद्र की संचालिका मधु शर्मा ने न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत कर बताया कि 25 नवंबर 2025 को पेटीएम एजेंट संत कुमार पात्रे उनकी दुकान पर साउंड बॉक्स लगाने आया था। इसी दौरान उसने कथित रूप से उनके मोबाइल में पेटीएम बिजनेस एप के माध्यम से उनकी जानकारी के बिना 2.16 लाख रुपये का लोन स्वीकृत करा लिया।
दो बार में खाते से एक-एक लाख रुपये किए ट्रांसफर
आवेदिका के अनुसार, आरोपी 27 नवंबर और 1 दिसंबर 2025 को दोबारा दुकान पहुंचा और मोबाइल लेकर पेटीएम एप के माध्यम से दो अलग-अलग बार में एक-एक लाख रुपये अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर
लिए। इसकी जानकारी उन्हें उस समय नहीं हुई।
लोन की कॉल आने पर हुआ खुलासा
13 दिसंबर 2025 को पेटीएम बिजनेस की ओर से लोन की किस्त जमा करने के संबंध में फोन आने पर उन्हें पहली बार इस कथित धोखाधड़ी की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने कोतवाली थाना और साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जहां लगभग 77,807.80 रुपये होल्ड भी किए गए। हालांकि पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
JMFC ने दिए FIR दर्ज करने के निर्देश
प्रकरण की सुनवाई के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कु. एंजल वामिको तिग्गा ने उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध पाया और कोतवाली थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष विवेचना करने के निर्देश दिए।
धोखाधड़ी का मामला दर्ज
न्यायालय के आदेश के पालन में कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 352/2026 दर्ज करते हुए आरोपी संत कुमार पात्रे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरु कर दी है। पुलिस अब बैंक लेन-देन, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
