भिलाई : न्यूज़ 36 : दुर्ग रेंज साइबर थाना पुलिस ने बीमा पॉलिसी की राशि रिफंड कराने का झांसा देकर करीब 1.60 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दिल्ली से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड जब्त किए गए हैं। जांच में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है।
बीमा लोकपाल बनकर फंसाते थे शिकार
आरोपी खुद को बीमा लोकपाल का अधिकारी बताकर लोगों को बंद पड़ी बीमा पॉलिसी की राशि रिफंड कराने का झांसा देते थे। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराकर करीब 1 करोड़ 60 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया।
तकनीकी जांच से दिल्ली तक पहुंची पुलिस
रेंज साइबर थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 03/2026 की जांच के दौरान साइबर टीम ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन का विश्लेषण किया। पहले एक बैंक खाताधारक की गिरफ्तारी के बाद मिले सुरागों के आधार पर पुलिस टीम दिल्ली पहुंची और तीन आरोपियों को दबोच लिया।
नाइजीरियन नेटवर्क से जुड़े तार
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पैसों के लालच में अपने बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराए थे। जांच में यह भी सामने आया कि इन खातों का इस्तेमाल विदेशी (नाइजीरियन) साइबर ठगी नेटवर्क द्वारा किया जा रहा था।
ये तीन आरोपीयों के नाम :
मनमीत सिंह (42), तिलक विहार, तिलक नगर, नई दिल्ली
ईशांत माहे उर्फ ईशु (37), निलोठी एक्सटेंशन, दिल्ली
अमनदीप सिंह (33), मूल निवासी श्रीगंगानगर (राजस्थान), वर्तमान निवासी निलोठी, दिल्ली
बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 मोबाइल फोन, 6 बैंक पासबुक, 4 चेकबुक और विभिन्न सिम कार्ड बरामद किए हैं।
ट्रांजिट रिमांड पर दुर्ग लाए गए
तीनों आरोपियों को 1 जुलाई को दिल्ली से गिरफ्तार कर तीस हजारी न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड पर दुर्ग लाया गया। मामले में आगे की विवेचना जारी है।
इन अफसरों की रही अहम भूमिका
कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक डॉ. चित्रा वर्मा, निरीक्षक पुष्पेन्द्र भट्ट, एएसआई यशवंत श्रीवास्तव सहित रेंज साइबर थाना की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बीमा रिफंड, केवाईसी अपडेट या निवेश के नाम पर आने वाले कॉल और मैसेज पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
