Thursday, December 8, 2022

Diwali में आंदोलन : दिवंगत शिक्षकों की विधवाओं और परिजनों ने राज्य शासन को दिया अल्टीमेटम

रायपुर। अनुकंपा नियुक्ति शिक्षाकर्मी कल्याण संघ ने अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर एक बार फिर बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। दिवंगत पंचायत शिक्षकों की विधवाएं और परिजन आगामी 20 अक्टूबर से पांच दिवसीय आंदोलन करेंगे।

अनुकंपा नियुक्ति शिक्षाकर्मी कल्याण संघ की प्रांताध्यक्ष माधुरी मृगे ने बताया कि सरकार से बार-बार गुजरिशों के बावजूद अनुकंपा नियुक्ति ना मिलने से दिवंगत पंचायत शिक्षाकर्मियों की विधवाओं और परिजनों में बहुत हताशा और निराशा है। उन्होंने कहा है कि 17 अक्टूबर को होने वाली कैबिनेट की बैठक में पंचायत शिक्षकों की विधवाओं और परिजनों की अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित ठोस निर्णय यदि नहीं लिया जाता है, तो 20 अक्टूबर से अनुकंपा नियुक्ति शिक्षाकर्मी कल्याण संघ पांच दिवसीय आंदोलन शुरू कर देगा। संघ की प्रांताध्यक्ष माधुरी मृगे ने कहा है कि सरकार कोरोना काल में नियमों को शिथिल करते हुए अनुकंपा नियुक्ति का लाभ दे यदि सकती है, पेंशन के लिए नियम यदि बनाए जा सकते हैं, तो फिर दिवंगत पंचायत शिक्षाकर्मियों की विधवाओं और परिजनों की अनुकंपा नियुक्ति भी की जा सकती है। माधुरी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार को संवेदनशील होकर विचार करना चाहिए और इस प्रक्रिया में जहां भी लेटलतीफी है, उसे तत्काल दूर करते हुए अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।

प्रांताध्यक्ष माधुरी ने बताया कि गत दिनों मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जब खैरागढ़ के प्रवास पर थे, तब संघ ने उनसे मुलाकात की थी। तब मुख्यमंत्री श्री बघेल ने मुख्य सचिव को इस संबंध में निर्देश दिए थे। इसके बाद डीपीआई ने स्कूल शिक्षा विभाग से अनुकंपा नियुक्ति के लिए रिक्त पदों की जानकारी मांगी थी। प्रांताध्यक्ष माधुरी का कहना है कि उन्हें ऐसी जानकारी मिली है कि अनुकंपा नियुक्ति के लिए सिर्फ 100 पदों पर भर्ती के लिए प्रक्रिया जारी है, जो कि वित्त विभाग में लटकी हुई है, लेकिन पूरे प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति के आकांक्षी 1269 विधवा और परिजन हैं। माधुरी का कहना कि ऐसे में मात्र 100 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ दिया जाना और बाकी को उनके हाल पर छोड़ दिया जाना निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार को इस संबंध में अतिशीघ्र उचित निर्णय लेना चाहिए, अन्यथा अपने परिवार के मुखिया को खो चुके दिवंगत पंचायत शिक्षकों की विधवाएं और परिजन सड़क पर लगातार आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि जब पूरा देश दिवाली मना रहा होगा, तब छत्तीसगढ़ के दिवंगत शिक्षकों की विधवाएं और परिजन सड़क पर अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे होंगे, यह अच्छी बात बिलकुल भी नहीं होगी, इसलिए 17 अक्टूबर को होने वाली कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार उचित निर्णय ले, ताकि अतिशीघ्र दिवंगत पंचायत शिक्षकों की विधवाओं और परिजनों की जिंदगी से तकलीफें दूर हों और खुशियों के दीए जल सकें।

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