Tuesday, August 18, 2026

साइंस कॉलेज दुर्ग में विशाल भारत दिवस का भव्य आयोजन

देश की सुरक्षा के प्रति जनसामान्य को सजग होना जरुरी : गोलोक बिहारी रॉय

दुर्ग : न्यूज़ 36 : शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के राधाकृष्णन सभागार में विशाल भारत दिवस का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा, भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता और युवाओं की भूमिका पर वक्ताओं ने विचार रखे। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के संगठन महासचिव गोलोक बिहारी राय ने कहा कि देश की सुरक्षा के प्रति प्रत्येक नागरिक का सजग रहना जरूरी है। केवल सेना या पुलिस के भरोसे किसी राष्ट्र की सुरक्षा संभव नहीं है।

बड़ी संख्या में उपस्थित प्राध्यापकों, छात्र-छात्राओं और गणमान्य नागरिकों को संबोधित करते हुए राय ने कहा कि देश की सीमाओं पर सैनिक विषम परिस्थितियों में राष्ट्र की रक्षा करते हैं, लेकिन सीमा का प्रथम प्रहरी नागरिक होता है। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में कठिन परिस्थितियों में कार्य कर रहे भारतीय सैनिकों का उल्लेख करते हुए नागरिकों से राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का आह्वान किया।

स्वामी विवेकानंद के विचारों का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि भारत का अस्तित्व वैश्विक मानवता के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारत का विस्तार सांस्कृतिक सह-अस्तित्व, क्षेत्रीय समन्वय, सहयोग और सद्भाव की भावना पर आधारित रहा है। उन्होंने वर्तमान समय में भारतीय परिसंघ की स्थापना की आवश्यकता पर भी बल दिया, जिससे विश्व शांति और सह-अस्तित्व की भावना को बढ़ावा मिल सके।

‘विशाल भारत’ राजनीतिक सीमाओं से परे

कार्यक्रम के संयोजक एवं राजनीति शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शकील हुसैन ने विशाल भारत दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने अनेकता में एकता को भारत की विशेषता बताते हुए विशाल भारत की अवधारणा और उसके विभिन्न आयामों की जानकारी दी।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह ने स्वागत भाषण में कहा कि भूमि हमारी माता है और हम सभी उसके पुत्र हैं। भारत की साझी संस्कृति और तीर्थ परंपरा अनूठी है। उन्होंने इंडोनेशिया, कंबोडिया, मलेशिया, म्यांमार, तिब्बत और जापान का उदाहरण देते हुए कहा कि विशाल भारत की अवधारणा केवल राजनीतिक सीमाओं तक सीमित नहीं है। उन्होंने युवाओं से अपनी जड़ों से जुड़कर श्रेष्ठ भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गौरी शंकर श्रीवास ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी सभ्यता और संस्कृति है। उन्होंने कहा कि भारत समर्पण और अर्पण की भूमि है तथा यहां की नदियां और तीर्थ हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने विशाल भारत की अवधारणा को राजनीति से अलग रखते हुए राष्ट्रवाद को सुखी समाज के लिए आवश्यक बताया।

युवाओं से भारत के इतिहास को जानने का आह्वान

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के पूर्व कुलपति डॉ. एन.पी. दीक्षित ने कहा कि वर्तमान युवा पीढ़ी को भारत के विशाल इतिहास को जानने की आवश्यकता है। विशाल भारत एकता का परिचायक है और भारतीय संस्कृति का प्रभाव पूरे एशिया में दिखाई देता है।

शासकीय योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय, रायपुर के प्राध्यापक डॉ. कीर्तन कुमार साहू ने कहा कि दुनिया में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता युवा पीढ़ी में है। उन्होंने विशाल भारत की अवधारणा को मुख्य रुप से सांस्कृतिक अवधारणा बताया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती पूजन के साथ हुआ। इसके बाद वंदे मातरम् और छत्तीसगढ़ के राज्यगीत ‘अरपा पैरी के धार’ की प्रस्तुति हुई। अतिथियों का स्वागत शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया। इस अवसर पर डॉ. शकील हुसैन द्वारा लिखित पुस्तकों का अतिथियों को वितरण भी किया गया।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के पी.एन. पाण्डेय सहित अनेक गणमान्य नागरिक, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ हुआ। धन्यवाद ज्ञापन राजनीति शास्त्र विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. तरुण साहू ने किया।

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