पुलिस ने अंतरजिला ठगी गिरोह के 5 सदस्यों को दबोचा
भिलाई : न्यूज़ 36 : नकली सोने के बिस्किट को असली बताकर सस्ते दाम में बेचने और लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरजिला गिरोह का दुर्ग पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना उतई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 1.242 किलोग्राम वजन के सोने जैसे दिखने वाले नकली धातु के बिस्किट, एक नकली सिक्का, कार, मोबाइल फोन एवं अन्य साक्ष्य सामग्री बरामद की गई है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणि शंकर चंद्रा ने बताया कि बोरसी निवासी जितेंद्र साहू की शिकायत पर थाना उतई में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपी लोगों को यह कहानी सुनाते थे कि उन्हें जमीन में गड़ा हुआ एक हंडा मिला है, जिसमें सोने के बिस्किट और सिक्के मिले हैं।
इसके बाद वे नकली धातु को असली सोना बताकर बाजार मूल्य से काफी कम कीमत में बेचने का लालच देते थे और लोगों से रकम ऐंठ लेते थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, भौतिक साक्ष्यों और लगातार निगरानी केआधार पर आरोपियों की पहचान की। विभिन्न जिलों में दबिश देकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपी : दिनेश कुमार टंडन (50 वर्ष), निवासी गाड़ाडीह, थाना उतई, जिला दुर्ग
पन्नालाल कुर्रे (42 वर्ष), निवासी सीपत पिपरिया, जिला कोरबा
गणेशराम गंधर्व (56 वर्ष), निवासी सहसपुर लोहारा, जिला कबीरधाम
रामस्वरुप रौतेल (30 वर्ष), निवासी जगतपुर, थाना करंजिया, जिला डिंडोरी (मध्यप्रदेश)
भानुप्रताप डहरिया (40 वर्ष), निवासी तारा भाटापारा, थाना पाटन, जिला दुर्ग
पुलिस ने किया सामान जब्त : लगभग 1 किलो 242 ग्राम वजन के सोने जैसे दिखने वाले नकली धातु के बिस्किट,6.38 ग्राम वजन का सोने के सिक्के जैसा दिखने वाला नकली सिक्का,घटना में प्रयुक्त वैगनआर कार (CG-04-HC-6220)
मोबाइल फोन एवं अन्य साक्ष्य सामग्री
पुराने मामलों की भी जांच
प्रारंभिक जांच में आरोपी पन्नालाल कुर्रे के खिलाफ इसी तरह की ठगी के अन्य मामलों की जानकारी मिली है। वहीं आरोपी दिनेश कुमार टंडन के विरुद्ध पूर्व में मारपीट और संपत्ति संबंधी अपराध दर्ज पाए गए हैं।
पुलिस की अपील :
दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सस्ते दाम में सोना, चांदी या अन्य बहुमूल्य वस्तुएं बेचने के किसी भी प्रलोभन में न आएं। किसी भी तरह का लेन-देन करने से पहले वस्तु की पूरी जांच और सत्यापन जरूर करें तथा संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित कार्रवाई के जरिए संगठित ठगी करने वाले इस अंतरजिला गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है तथा मामले की आगे भी जांच जारी है।
