Sunday, October 18, 2026

BSP में सुरक्षा पर लार्ज ग्रुप इंटरेक्शन के माध्यम से निदेशक प्रभारी ने कार्मिकों से किया सीधा संवाद

भिलाई : न्यूज़ 36 : भिलाई इस्पात संयंत्र के ज्ञानार्जन एवं विकास केंद्र में 17 अक्टूबर 2026 को सुरक्षा पर लार्ज ग्रुप इंटरेक्शन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी चित्त रंजन महापात्र ने संयंत्र के अधिकारियों, कार्मिकों, पर्यवेक्षकों, ठेका श्रमिकों एवं सेफ्टी वॉरियर्स से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) राकेश कुमार, सलाहकार, सेल जी. पी. सिंह, मुख्य महाप्रबंधक (एसईडी) सुश्री पुष्पा एम्ब्रोस, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) प्रशांत ओझा तथा महाप्रबंधक प्रभारी (मानव संसाधन-एलएंडडी) संजीव श्रीवास्तव सहित संयंत्र के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम का उद्देश्य ‘मेरा क्षेत्र, मेरी जिम्मेदारी’ (एमएएमआर) की भावना को प्रोत्साहित करना, सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करना तथा ‘लाइन ऑफ फायर’ से जुड़े संभावित खतरों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। प्रत्येक कार्मिक एवं कार्यबल के सदस्य को अपने कार्यक्षेत्र में सुरक्षा की जिम्मेदारी स्वयं लेने, निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं एवं सुरक्षित कार्य पद्धतियों का पालन करने, ‘लाइन ऑफ फायर’ से जुड़े जोखिमों की पहचान करने तथा आवश्यक निवारक उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सुरक्षित इस्पात उत्पादन सुनिश्चित करने के साथ-साथ यह सुनिश्चित करना था कि प्रत्येक कार्मिक कार्यदिवस के अंत में सुरक्षित अपने घर लौटे।
मुख्य महाप्रबंधक (एसईडी) सुश्री पुष्पा एम्ब्रोस ने कार्यस्थल पर सुरक्षा, सुरक्षित कार्य पद्धतियों तथा सुरक्षा संबंधी प्रमुख पहलों पर प्रस्तुति दी। प्रस्तुति में सुरक्षित कार्य व्यवहार को प्रोत्साहित करने, संभावित जोखिमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के महत्वपूर्ण पहलुओं को रेखांकित किया गया।
लार्ज ग्रुप इंटरेक्शन के दौरान निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र ने अधिकारियों, कार्मिकों, पर्यवेक्षकों एवं सेफ्टी वॉरियर्स से सीधे संवाद करते हुए उन्हें कार्यस्थल पर सुरक्षा से संबंधित अपने अनुभव एवं सुझाव साझा करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने विभिन्न कार्यक्षेत्रों में अपनाई जा रही श्रेष्ठ सुरक्षा पद्धतियों के आदान-प्रदान तथा उन्हें व्यापक स्तर पर लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है और सुरक्षा संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रत्येक स्तर पर सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। संयंत्र के शून्य घातक दुर्घटना के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक पाली के उपरांत हर कार्मिक की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
निदेशक प्रभारी चित्त रंजन महापात्र एवं कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री राकेश कुमार ने प्रतिभागियों के साथ संवाद करते हुए कार्यस्थल पर सुरक्षा के प्रति दृष्टिकोण एवं व्यवहार में निरंतर सुधार की आवश्यकता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्मिक को अपने कार्यक्षेत्र में सुरक्षा के प्रति व्यक्तिगत रूप से सतर्क एवं जिम्मेदार रहना चाहिए तथा ‘मेरा क्षेत्र, मेरी जिम्मेदारी’ की भावना के अनुरूप कार्य करना चाहिए। उन्होंने ‘लाइन ऑफ फायर’ से जुड़े संभावित खतरों की पहचान करने, उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा किसी भी कार्य को प्रारंभ करने से पहले संभावित जोखिमों का आकलन करने के महत्व पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान कार्मिकों के साथ सड़क सुरक्षा उपायों, निकट-दुर्घटना की घटनाओं, कार्य अनुमति (परमिट-टू-वर्क) प्रक्रियाओं के मानकीकरण तथा सुरक्षा प्रोटोकॉल को अधिक प्रभावी बनाने में टूलबॉक्स टॉक की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। संयंत्र के वक्ताओं ने इन विषयों पर अपने अनुभव एवं विचार साझा किए तथा सुरक्षित कार्य पद्धतियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न उपायों पर प्रकाश डाला।

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