Wednesday, May 27, 2026

फर्जी वाट्सअप DP से 20 लाख की ठगी, राजस्थान का साइबर गैंग गिरफ्तार

भिलाई : न्यूज़ 36 : दुर्ग पुलिस ने अंतर्राज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी वाट्सअप प्रोफाइल बनाकर कंपनियों को निशाना बना रहे थे। पुलिस ने इनके कब्जे से नगदी, मोबाइल, एटीएम कार्ड, सिम और बैंक दस्तावेज बरामद किए हैं।

डायरेक्टर की फोटो लगाकर अकाउंटेंट को लगाया चूना

मामला थाना सुपेला क्षेत्र का है। सुंदर नगर भिलाई निवासी यश बत्रा ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी कंपनी साईराम व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते से 20 लाख रुपए ट्रांसफर कर लिए गए। आरोपियों ने कंपनी डायरेक्टर श्रीचंद बत्रा की फोटो लगाकर फर्जी WhatsApp प्रोफाइल तैयार किया और कंपनी के अकाउंटेंट को मैसेज भेजकर रकम ट्रांसफर करवा ली।

कंपनी के वाट्सअप ग्रुप की जानकारी का उठाया फायदा

कंपनी के तीनों डायरेक्टरों का एक वाट्सअप ग्रुप था, जिसमें ब्रांचों की जरूरत के हिसाब से रकम भेजने की जानकारी साझा होती थी। आरोपी इसी सिस्टम की जानकारी हासिल कर डायरेक्टर बनकर रकम ट्रांसफर कराने में सफल हो गए।

होटल बदल-बदलकर छिप रहे थे आरोपी

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी रायपुर में लगातार होटल और ठिकाने बदल रहे थे। पहले वे राठौर चौक स्थित तनिष्क होटल में रुके थे, लेकिन भनक लगते ही किराए के मकानों की तलाश में जुट गए ताकि छिपकर साइबर ठगी जारी रख सकें।

जय स्तंभ चौक और बूढ़ा तालाब से दबोचे गए आरोपी

थाना सुपेला और ACCU टीम ने तकनीकी निगरानी, बैंक खातों की जांच और मुखबिर सूचना के आधार पर घेराबंदी की। इसी दौरान आरोपी पंकज शर्मा सहित कुछ लोगों को रायपुर के जय स्तंभ चौक के पास पकड़ा गया, जबकि अन्य आरोपी बूढ़ा तालाब क्षेत्र में किराए का मकान तलाशते हुए गिरफ्तार किए गए।

“टोकन सिस्टम” से चलता था ठगी का खेल

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी वाट्सअप और जंगी ऐप के जरिए संपर्क करते थे। साइबर ठगी की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर “टोकन सिस्टम” के जरिए कमीशन बांटा जाता था।

राजस्थान के आधार कार्ड में बदलवाते थे पता

मुख्य आरोपी पंकज शर्मा ने पुलिस को बताया कि राजस्थान के लोगों के आधार कार्ड में स्थानीय पता अपडेट कराकर रायपुर में बैंक खाते खुलवाए जाते थे। इन्हीं खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम जमा और निकासी के लिए किया जाता था।

पुलिस ने बरामद किए ये सामान : 

नगदी रकम – 1 लाख 20 हजार रुपए

मोबाइल – 6 नग

डेबिट कार्ड – 10 नग

पैन कार्ड – 4 नग

आधार कार्ड – 1 नग

वोटर आईडी – 1 नग

ड्राइविंग लाइसेंस – 1 नग

चेकबुक – 4 नग

पासबुक – 1 नग

सिम कार्ड – 3 नग
डिपॉजिट स्लिप – 12 नग

फोटो – 12 नग

गिरफ्तार आरोपी : 

1. मुरली जनागल – बीकानेर राजस्थान

2. गोपाल सोनी – बीकानेर राजस्थान

3. मोती सिंह – जोधपुर राजस्थान

4. मोतीलाल शर्मा – जोधपुर राजस्थान

5. बनवारी शर्मा – बीकानेर राजस्थान

6. पंकज शर्मा – जोधपुर राजस्थान

तकनीकी जांच से खुली गैंग की परतें

दुर्ग पुलिस के अनुसार आरोपियों ने 20 लाख की रकम कई खातों में ट्रांसफर कर छिपाने की कोशिश की थी, लेकिन तकनीकी विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई के चलते पूरा गिरोह पकड़ में आ गया। थाना सुपेला और ACCU टीम की संयुक्त कार्रवाई में यह बड़ी सफलता मिली है।

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