Saturday, August 22, 2026

पुलिस में नौकरी लगाने के नाम पर 12 लाख की ठगी, उतई पुलिस ने किया मामला दर्ज

दुर्ग : न्यूज़ 36 : पुलिस आरक्षक के पद पर नौकरी लगाने का झांसा देकर 12 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। प्रार्थी गैंदलाल बंछोर निवासी ग्राम सेलूद की शिकायत पर उतई पुलिस ने आरोपी उमेश दास मानिकपुरी के खिलाफ अपराध क्रमांक 0430/26 दर्ज कर धारा 318 (4) बीएनएस के तहत विवेचना शुरु कर दी है।
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार छत्तीसगढ़ शासन की आरक्षक संवर्ग भर्ती 2023 में गैंदलाल बंछोर के पुत्र विकास ने ऑनलाइन आवेदन किया था। इसी दौरान प्रार्थी के ससुराल सुखराम नगर, गोगांव रायपुर के पास रहने वाले उमेश दास मानिकपुरी से उसका परिचय हुआ। आरोप है कि उमेश ने पुलिस भर्ती में विकास को नौकरी लगवाने की जिम्मेदारी लेते हुए प्रार्थी को विश्वास में लिया।

शिकायत के मुताबिक आरोपी ने नौकरी लगाने के एवज में पहले 14 लाख रुपये की मांग की थी। रकम अधिक होने के कारण प्रार्थी ने देने से इनकार किया, जिसके बाद 12 लाख रुपये में नौकरी लगवाने की बात तय हुई। इसके बाद प्रार्थी ने छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, शाखा सेलूद के दो चेकों के माध्यम से आरोपी को 11 लाख रुपये दिए। इनमें 21 अगस्त 2024 को 5 लाख रुपये और 5 नवंबर 2024 को 6 लाख रुपये का चेक शामिल है। इसके अलावा 5 नवंबर 2024 को एक लाख रुपये नगद दिए जाने की बात शिकायत में कही गई है।
प्रार्थी का आरोप है कि आरोपी ने दोनों चेकों की रकम क्रमशः 28 अगस्त 2024 को 5 लाख और 6 नवंबर 2024 को 6 लाख रुपये प्राप्त कर लिए, लेकिन इसके बाद भी उसके बेटे को पुलिस में नौकरी नहीं लगाई। लंबे समय तक नौकरी नहीं लगने पर रकम वापस मांगने पर आरोपी लगातार आश्वासन देता रहा। बाद में मोबाइल बंद कर दिया गया और कथित तौर पर मकान व जमीन बेचकर रकम लौटाने की बात कही गई, लेकिन अब तक कोई रकम वापस नहीं की गई।

शिकायत में प्रार्थी ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने सेक्टर-10 भिलाई निवासी एक अन्य व्यक्ति से रेलवे में नौकरी लगाने के नाम पर 11 लाख रुपये लिए हैं। हालांकि इस संबंध में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।

प्रार्थी के मुताबिक 2 अगस्त 2026 को उसने अपने पुत्र और ससुराल पक्ष के लोगों के साथ आरोपी से मिलकर रकम वापस करने की मांग की थी, लेकिन इसके बाद भी पैसा वापस नहीं किया गया। बैंक स्टेटमेंट सहित अन्य दस्तावेज शिकायत के साथ पुलिस को सौंपे गए हैं।

प्रार्थी ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए 12 लाख रुपये वापस दिलाने की मांग की है। उतई पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर दस्तावेजों और लेन-देन की जांच शुरु कर दी है।

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