रॉड एवं कुल्हाड़ी का जमकर इस्तेमाल, दोनों पक्ष एक ही परिवार से
दुर्ग : न्यूज़ 36 : दुर्ग जिले के ग्राम दांडेसरा में पानी को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला खूनी संघर्ष में बदल गया। दोनों पक्षों के बीचजमकर मारपीट हुई, जिसमें डंडे, लोहे की रॉड और कुल्हाड़ी से हमला किए जाने की जानकारी सामने आई है।
घटना में कई लोग गंभीर रुप से घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां 8 लोगों की हालत नाजुक बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि पूरा मामला पुलगांव थाना जेवरा सिरसा चौकी क्षेत्र का है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
सूचना मिलते ही दुर्ग पुलिस और जेवरा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही।पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक गांव में पिछले तीन दिनों से बिजली बंद थी। बिजली नहीं होने के कारण पानी की समस्या भी बढ़ गई थी। इसी बीच पानी भरने और टंकी की चाबी को लेकर पंचायत में विवाद शुरु हो गया।

आरोप है कि एक पक्ष ने पानी की टंकी की चाबी देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरु हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और जमकर मारपीट शुरु हो गई।पहले पक्ष की ओर से मोनू यादव ने बताया कि उसका चाचा भैंस चराने खेत गया था। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोगों ने उसे घेर लिया और जान से मारने की की नीयत से हमला कर दिया।
मोनू का आरोप है कि सियाराम, रितेश, नकूल और सहदेव ने मिलकर टंगिया और डंडों से हमला किया। जब वह बीच-बचाव करने पहुंचा तो उसके ऊपर भी हमला कर दिया गया। इस हमले में उसके हाथ और कंधे में गंभीर चोट आई है। उसने बताया कि उनके पक्ष के 5 लोग घायल हुए हैं।
वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से सियाराम की बेटी ने आरोप लगाया कि बिरबल, भगवती, हरखंड, शिवप्रसाद और चेतन उनके घर में घुसकर मारपीट करते हैं। उसने बताया कि गांव में पानी की समस्या के कारण वे पंचायत से चाबी लेकर पानी भरने पहुंचे थे, लेकिन वहां ताला लगा दिया गया।विरोध करने पर गाली-गलौज शुरु हो गई और फिर हमला कर दिया गया। उसने आरोप लगाया कि महिलाओं के साथ भी मारपीट की गई। परिवार के लोग खेत और खार में थे, वहां जाकर भी हमला किया गया।
