गृह मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश पर की गई कार्यवाही
दुर्ग : न्यूज़ 36 : दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल खातों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कुल 362 संदिग्ध खाताधारकों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। कार्रवाई भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा संचालित “समन्यय पोर्टल” और पुलिस मुख्यालय से प्राप्त सूचना के आधार पर की गई है।
पुलिस के अनुसार थाना सुपेला, उतई और पुरानी भिलाई क्षेत्र अंतर्गत संचालित विभिन्न बैंकों के खातों का परीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि साइबर ठगी से संबंधित रकम सीधे इन खातों में प्राप्त हुई थी, जिसके चलते इन्हें “लेयर-1 म्यूल खाते” की श्रेणी में रखा गया है।
थाना सुपेला क्षेत्र में संचालित Bandhan Bank के खातों की जांच के दौरान साइबर ठगी से जुड़े लेनदेन पाए गए। मामले में 172 खाताधारकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318 (2), 318 (3) और 318 (4) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
वहीं थाना उतई क्षेत्र में संचालित IDFC First Bank के संदिग्ध खातों की जांच में साइबर ठगी की रकम प्राप्त होने और अन्य खातों में ट्रांसफर किए जाने के तथ्य सामने आए। इस मामले में 30 खाताधारकों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई है।
इसी तरह थाना पुरानी भिलाई क्षेत्र अंतर्गत संचालित Bank of Maharashtra के खातों की जांच में साइबर अपराध से जुड़ी रकम के लेनदेन का खुलासा हुआ। मामले में 160 खाताधारकों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच की जा रही है।
पुलिस जांच में यह सामने आया है कि वर्ष 2024 से 2026 के बीच इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम को प्राप्त करने, छिपाने, ट्रांसफर करने और अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करने के लिए किया गया। पुलिस का कहना है कि संबंधित खाताधारकों ने स्वयं अथवा अन्य लोगों के साथ मिलकर अपने बैंक खातों का उपयोग साइबर अपराध से प्राप्त धनराशि के संचालन में किया।
दुर्ग पुलिस ने बताया कि समन्वय पोर्टल से प्राप्त शिकायतों, बैंक खातों की जानकारी और साइबर शिकायत पावती के आधार पर कार्रवाई की गई है तथा पूरे नेटवर्क की विस्तृत जांच जारी है।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम, ओटीपी, मोबाइल नंबर या इंटरनेट बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा न करें और साइबर ठगी से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
