Tuesday, November 3, 2026

अमेरिका के सेंट लुइस में चमका भिलाई का नाम, मयंक और डॉ. अंशु के नेतृत्व में हिंदी-यूएसए ने धूमधाम से मनाया नौवां नवरात्रि व दीपावली महोत्सव

‘हिंदी-यूएसए’  सेंट लुइस’ द्वारा मिसौरी के हिंदू मंदिर सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित वार्षिक उत्सव में भारतीय संस्कृति व भाषा के प्रचार-प्रसार का दिखा अनुपम दृश्य

भिलाई : न्यूज 36 : अमेरिका के मिसौरी राज्य स्थित सेंट लुइस में भारतीय भाषा और संस्कृति की अलख जगा रही गैर-लाभकारी संस्था ‘हिंदीयूएसए सेंट लुइस’ ने अपना नौवां वार्षिक नवरात्रि एवं दीपावली महोत्सव अत्यधिक उत्साह और भव्यता के साथ आयोजित किया।मिसौरी के सेंट लुईस स्थित हिंदू मंदिर के सांस्कृतिक केंद्र में संपन्न हुए इस भव्य सांस्कृतिक समागम में भिलाई की माटी से जुड़े मयंक जैन और उनकी धर्मपत्नी डॉ. अंशु जैन की केंद्रीय और सक्रिय भूमिका प्रमुखता से नजर आई। दोनों के कुशल मार्गदर्शन और समर्पित प्रयासों के चलते इस प्रवासी भारतीय आयोजन ने अमेरिका की धरती पर अपनी एक विशिष्ट छाप छोड़ी, जिसमें पाठशाला के 175 विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और आमंत्रित मित्रों सहित 500 से अधिक लोगों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के सफल आयोजन और संयोजन में आयोजन समिति की प्रमुख डॉ. अंशु जैन ने अग्रिम पंक्ति में रहकर नेतृत्व संभाला। डॉ. अंशु जैन के दिशा-निर्देशन में शिक्षकों, अभिभावकों और स्वयंसेवकों की टीम ने हर व्यवस्था को त्रुटिहीन बनाया। समारोह का आधिकारिक शुभारंभ हिंदी-यूएसए के शिक्षकों द्वारा माँ दुर्गा की भक्तिमय आरती से हुआ, जिसके पश्चात पूरा प्रांगण गरबा और डांडिया की ताल पर झूम उठा।
पारंपरिक और रंग-बिरंगे भारतीय परिधानों में सजे बच्चों व परिवारों ने पूरे माहौल को उत्सव के अनोखे रंगों से भर दिया। बच्चों के मनोरंजन और सहभागिता के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित की गई, जिसमें आकर्षक पुरस्कारों वाली रैफल प्रतियोगिता, फेस पेंटिंग और बैलून आर्ट शामिल थे। इसके साथ ही भारतीय स्वाद और कला को बढ़ावा देने के लिए तीन स्वादिष्ट फूड वेंडर्स और तीन मर्चेंडाइज स्टॉल भी सजाए गए थे।
हिंदी-यूएसए सेंट लुइस के प्रमुख मयंक जैन ने संस्था के उद्देश्यों और इस आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संस्था बीते नौ वर्षों से निरंतर अमेरिका में पली-बढ़ी नई पीढ़ी को हिंदी भाषा और समृद्ध भारतीय संस्कृति से जोड़ने का पावन कार्य कर रही है।
मयंक जैन ने कहा कि सुदूर देश में इस तरह के वृहद आयोजन बच्चों को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत को गहराई से समझने तथा भारतीय त्योहारों को आपसी एकजुटता के साथ मनाने का अमूल्य अवसर प्रदान करते हैं। शाम का मुख्य आकर्षण लाइसेंस प्राप्त पेशेवरों द्वारा संचालित की गई शानदार आतिशबाजी रही, जिसने आसमान को रोशन कर दिया। आतिशबाजी के उपरांत सभी परिवारों ने गरबा, डांडिया और डीजे के लोकप्रिय बॉलीवुड संगीत पर देर रात तक उत्सव का आनंद लिया।
संस्था द्वारा इस वर्ष सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान दिया गया था। पूरे कार्यक्रम के दौरान सेंट लुइस पुलिस बल की मुस्तैद मौजूदगी रही और प्रांगण में प्रवेश केवल हिंदी-यूएसए के विद्यार्थियों, उनके परिजनों एवं पंजीकृत आमंत्रितों तक सीमित रखा गया। कार्यक्रम के समापन पर मयंक जैन और डॉ. अंशु जैन के साथ संस्था की पूरी कार्यकारिणी ने आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए सभी समर्पित शिक्षकों, अभिभावकों, स्वयंसेवकों, सहयोगियों तथा उपस्थित जनसमूह का सहृदय आभार व्यक्त किया।

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