Saturday, November 7, 2026

ईपीएफ योजना, 2026 के अंतर्गत बीएसपी ने नवीनीकृत ऑनलाइन एनआरएल मॉड्यूल का किया शुभारंभ

भिलाई : न्यूज़ 36 : भिलाई इस्पात संयंत्र ने कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 2026 के अनुरूप अपने ई-सहयोग पोर्टल पर नवीनीकृत ऑनलाइन नॉन-रिफंडेबल लोन (एनआरएल) मॉड्यूल का शुभारंभ किया है। इस नवीनीकृत प्रणाली का उद्देश्य कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि से अग्रिम भुगतान की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी एवं सुविधाजनक बनाना है।

इस नवीनीकृत मॉड्यूल का उद्घाटन कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा)  प्रवीण निगम एवं कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन)  पवन कुमार द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन)  प्रशांत ओझा, मुख्य महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा)  राजीव महेंद्रू, महाप्रबंधक (सी एंड आईटी) सुश्री नीना जायसवाल एवं  संदीप झा सहित सीपीएफ ट्रस्टी, वित्त-सीपीएफ तथा मानव संसाधन एवं सी एंड आईटी विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा)  प्रवीण निगम ने संशोधित वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप डिजिटल प्रणाली में आवश्यक बदलाव करने के लिए संबंधित विभागों के त्वरित एवं सामूहिक प्रयासों की सराहना की। वहीं, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन)  पवन कुमार ने टीम के समर्पित प्रयासों की सराहना करते हुए इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की कि भिलाई इस्पात संयंत्र, नवीनीकृत ऑनलाइन मॉड्यूल के माध्यम से ईपीएफ योजना, 2026 लागू करने वाली सेल की पहली इकाई बन गई है। उपस्थित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रतिभागियों ने भी इस पहल को सफलतापूर्वक कार्यान्वित करने में टीम के योगदान की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) सुश्री संजोला ने नवीनीकृत मॉड्यूल की प्रमुख विशेषताओं एवं कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रस्तुति दी। यह प्रणाली पात्र सदस्य शेष राशि (एलिजिबल मेंबर बैलेंस-ईएमबी) के 75 प्रतिशत की स्वतः गणना करती है तथा सेवा से पृथक्करण तक न्यूनतम 25 प्रतिशत राशि अनिवार्य रूप से सुरक्षित रखती है। इसके साथ ही, 1 नवंबर 2026 से स्वीकृत निकासी सीमाओं को नए प्रावधानों के अनुरूप पुनर्निर्धारित किया गया है। पात्र निकासी के मामलों में सहायक दस्तावेज प्रस्तुत करने तथा आश्रितों के चयन की आवश्यकता भी समाप्त कर दी गई है।

इस मॉड्यूल में कर्मचारियों की सुविधा एवं डिजिटल सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए सुरक्षित टू-फैक्टर ओटीपी प्रमाणीकरण तथा रियल-टाइम एप्लीकेशन ट्रैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इससे कर्मचारी अपने आवेदनों की प्रगति पर नजर रख सकेंगे तथा एक सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित डिजिटल प्रणाली के माध्यम से सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।

इस मॉड्यूल का विकास वरिष्ठ प्रबंधक (सी एंड आईटी)  इरफान सिद्दीकी ने महाप्रबंधक (सी एंड आईटी)  संदीप झा के नेतृत्व में किया है। मॉड्यूल के विकास एवं क्रियान्वयन में वित्त-सीपीएफ विभाग ने भी महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।

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