ईवीएम पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस को आत्ममंथन की जरूरत
भिलाई : न्यूज़ 36 : भाजपा नेता एवं श्रीराम जन्मोत्सव समिति युवा विंग के अध्यक्ष मनीष पाण्डेय ने बैलेट पेपर से हुए विधान परिषद चुनावों के नतीजों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती रही है, लेकिन बैलेट पेपर से हुए चुनावों में भी पार्टी का प्रदर्शन उसके लिए आत्ममंथन का विषय है।
28 सीटों के चुनाव परिणामों को लेकर कांग्रेस पर कटाक्ष
मनीष पाण्डेय ने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की विधान परिषद सीटों के चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब चुनाव बैलेट पेपर से हुए, तब भी कांग्रेस को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। ऐसे में पार्टी नेतृत्व को अपने प्रदर्शन की समीक्षा करनी चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि चुनावी नतीजों की जिम्मेदारी किसकी है।
ईवीएम के बजाय संगठन और जनसंपर्क पर ध्यान देने की सलाह
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी हार के बाद ईवीएम पर सवाल उठाकर राजनीतिक भ्रम पैदा करने की कोशिश करती है। उनके मुताबिक, पार्टी को अपनी संगठनात्मक स्थिति, जमीनी स्तर पर जनसंपर्क और जनता की अपेक्षाओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने विकास, रोजगार और जनकल्याण जैसे मुद्दों पर कांग्रेस की रणनीति को लेकर भी सवाल उठाए।
चुनाव प्रक्रिया पर सवाल के लिए ठोस प्रमाण जरूरी
पाण्डेय ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए ठोस प्रमाण और निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया का सहारा लिया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बैलेट पेपर से हुए चुनावों के परिणामों का उल्लेख किए जाने की बात कहते हुए कांग्रेस से अपने प्रदर्शन पर जवाब देने की मांग की।
बैलेट पेपर के नतीजे ईवीएम विवाद का पूरा जवाब नहीं : पाण्डेय
मनीष पाण्डेय ने कहा कि बैलेट पेपर से चुनाव में मिली हार अपने आप में ईवीएम से जुड़े सभी सवालों का जवाब नहीं है, लेकिन यह कांग्रेस के लिए अपने चुनावी प्रदर्शन की समीक्षा करने का अवसर जरूर है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास केवल आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि विश्वसनीय नेतृत्व, जनहित के मुद्दों और निरंतर जनसंपर्क से हासिल किया जा सकता है।
जनता के बीच जाकर आत्ममंथन करे कांग्रेस
भाजपा नेता ने कांग्रेस को सलाह दी कि वह दूसरों पर दोषारोपण करने के बजाय अपनी नीतियों, संगठन और कार्यशैली का मूल्यांकन करे। उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता का समर्थन हासिल करने के लिए राजनीतिक दलों को जनसमस्याओं पर काम करना चाहिए और जनता के बीच अपनी विश्वसनीयता मजबूत करनी चाहिए।
