दुर्ग पुलिस की विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी से मिली दोषसिद्धि, ₹1,000 का जुर्माना भी लगाया
दुर्ग : न्यूज़ 36 : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पिता की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी बेटे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायालय, पाटन ने 16 अक्टूबर 2026 को आरोपी डोमन लाल यदु उर्फ चुन्नी लाल यदु (42 वर्ष), निवासी ग्राम गाड़ाडीह चौक, थाना उतई को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 1,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे पांच माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
पिता पर प्राणघातक हमले के मामले में हुई कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, 21 अक्टूबर 2025 को थाना उतई क्षेत्र में पिता पर प्राणघातक हमला किए जाने से संबंधित मामले में अपराध क्रमांक 428/2025 दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना तत्कालीन थाना
प्रभारी निरीक्षक महेश ध्रुव ने की। विवेचना के दौरान साक्ष्य जुटाए गए और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 22 दिसंबर 2025 को न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।
साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर कोर्ट का फैसला
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायालय, पाटन, जिला दुर्ग में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक शेखर वर्मा ने पैरवी की। न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन के तर्कों पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषसिद्ध कर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
विवेचना से लेकर पैरवी तक अहम भूमिका
इस मामले में पुलिस द्वारा साक्ष्य संकलन, विवेचना पूरी कर समय पर अभियोग पत्र पेश करने और अभियोजन पक्ष की न्यायालय में पैरवी को महत्वपूर्ण माना गया है। अदालत के फैसले के साथ ही पिता की हत्या के इस प्रकरण में आरोपी को कठोर दंड मिला है।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि पारिवारिक विवादों और आपसी मतभेदों का समाधान हिंसा के बजाय संवाद एवं कानूनी प्रक्रिया से करें। किसी भी गंभीर घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
आरोपी: डोमन लाल यदु उर्फ चुन्नी लाल यदु, उम्र 42 वर्ष
निवासी: ग्राम गाड़ाडीह चौक, थाना उतई, जिला दुर्ग
सजा: आजीवन कारावास और ₹1,000 अर्थदंड
