Thursday, October 1, 2026

पेंशन व ग्रेच्युटी बहाली के लिए कल्याण कॉलेज के सामने गरजे रिटायर्ड प्राध्यापक व कर्मचारी

पूर्व छात्र प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मांगी गुरु दक्षिणा

भिलाई : राज्य शासन द्वारा अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों के प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों की पेंशन तथा ग्रेच्युटी पर रोक लगाए जाने के फैसले के विरोध में भिलाई स्थित कल्याण कॉलेज के समक्ष सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के विभिन्न अनुदान प्राप्त कॉलेजों के सेवानिवृत्त और सेवारत प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने एकजुट होकर शासन के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया और रोके गए भुगतानों को तुरंत बहाल करने की मांग की। वक्ताओं ने उच्च शिक्षा
विभाग पर मंत्रिपरिषद के निर्णय की गलत और मनमानी व्याख्या करते हुए पेंशन व ग्रेच्युटी रोकने का आरोप लगाया है।
गौरतलब है कि राज्य शासन ने 1 सितंबर से अनुदान प्राप्त पैशन अधिकार है।
महाविद्यालयों के प्राध्यापक एवं कर्मचारियों को मिलने वाली पेंशन व ग्रेच्युटी का भुगतान रोकने का निर्णय लागू किया है। धरने पर बैठे सेवानिवृत्त व सेवारत शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देश और प्रदेश के भावी नागरिकों तथा युवाओं का भविष्य संवारने में समर्पित कर दिया। लेकिन जीवन के इस ढलते पड़ाव में सरकार के इस बेतुके और अमर्यादित निर्णय ने उनके सम्मानजनक ढंग से जीने की उम्मीदों को तार तार कर दिया है। सेवानिवृत्ति के बाद वित्तीय असुरक्षा के कारण उनके समक्ष जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है।
यह एक दिवसीय सांकेतिक
धरना छत्तीसगढ़ राज्य अनुदान प्राप्त प्राध्यापक एवं कर्मचारी संघ, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों की पेंशन व ग्रेच्युटी बहाली संघर्ष समिति तथा सेवानिवृत्त एवं सेवारत प्राध्यापक व कर्मचारी संघ भिलाई दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था। मंच से संघ के अध्यक्ष डॉ सुधीर शर्मा, डॉ अनुराग पांडेय एवं प्रो डीएन शर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने सरकार की इस नीति को जनविरोधी और कर्मचारियों के अधिकारों का हनन करार
दिया। धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने भिलाई के कल्याण कॉलेज के ही पूर्व छात्र रहे प्रदेश के वित्त
मंत्री ओपी चौधरी को विशेष रूप से याद किया। सेवानिवृत्त प्राध्यापकों ने भावुक होकर कहा कि ओपी चौधरी इसी महाविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर आज राज्य के उच्च पद पर आसीन हैं। ऐसे में अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उन्हें गुरु दक्षिणा के रूप में पेंशन और ग्रेच्युटी की बहाली का निर्णय शीघ्र लेना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों पर शीघ्र सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए पेंशन व ग्रेच्युटी बहाल नहीं कीए तो यह सांकेतिक आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप धारण करेगा।

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