24 घंटे में दो आरोपी और नाबालिग गिरफ्तार
दुर्ग : न्यूज़ 36 : पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में मोटरसाइकिल सवार युवक को ओवरटेक कर रोकने, धारदार हथियार से डराने और ऑनलाइन ₹1,300 ट्रांसफर कराने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में एक विधि से संघर्षरत बालक को भी पकड़ा गया है।
पुलिस के अनुसार, घटना 12 सितंबर 2026 की है। प्रार्थी ईशु सेन, निवासी उदयपुर खपरी, थाना छुईखदान, जिला केसीजी, हाल पता गांधी चौक रुआबांधा, भिलाई ने पद्मनाभपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि तीन लड़कों ने मोटरसाइकिल से उसका पीछा किया और ओवरटेक कर रास्ते में रोक लिया। आरोपियों ने धारदार हथियार से मारने का भय दिखाते हुए पैसों की मांग की और उससे ₹1,300 का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करा लिया। इसके बाद उसे मोटरसाइकिल से नीचे गिराकर तीनों मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पद्मनाभपुर पुलिस ने अपराध क्रमांक 550/2026, धारा 308(5), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरु की। पुलिस टीम ने तकनीकी एवं अन्य माध्यमों से पतासाजी करते हुए संदेहियों की पहचान की और उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पूछताछ में घटना में शामिल होना स्वीकार करने के बाद यश साहू (18 वर्ष 1 माह), निवासी संतराबाड़ी, दुर्ग और अनमोल राजपूत (20 वर्ष), निवासी दुर्गा चौक, शंकर नगर, दुर्ग को विधिवत गिरफ्तार किया गया। वहीं, एक विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
पुलिस के मुताबिक आरोपी सड़क पर मोटरसाइकिल से जा रहे व्यक्ति का पीछा करते थे। मौका देखकर ओवरटेक कर उसे रोकते और धारदार हथियार दिखाकर भयभीत करते हुए रुपये की मांग करते थे। ऑनलाइन राशि प्राप्त करने के बाद आरोपी पीड़ित को गिराकर मौके से फरार हो गए।
पद्मनाभपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से घटना के महज 24 घंटे के भीतर आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड लिया गया। पलिस ने आरोपियों को महज 24 घंटे के भीतर आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ लिया गया। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया है।
पुलिस की अपील : दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति भय दिखाकर राशि की मांग करता है या किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में शामिल दिखाई देता है, तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। ऑनलाइन लेन-देन से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी भी पुलिस को दें और कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस की सहायता लें।
