पेस्ट मैनेजमेंट एसोसिएशन, पुणे के छत्तीसगढ़ रीजन हेड मजहर नदीम ने जताई चिंता,दिए सुझाव
भिलाई : न्यूज़ 36 : छत्तीसगढ़ में घर, दुकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को दीमक, कॉकरोच, खटमल, चींटी और चूहों से मुक्ति दिलाने के नाम पर फर्जी पेस्ट कंट्रोल कंपनियों का जाल तेजी से फैल रहा है। पेस्ट मैनेजमेंट एसोसिएशन-पुणे के छत्तीसगढ़ रीजन हेड मजहर नदीम ने इस गंभीर समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए आम जनता को सतर्क रहने की अपील की है।
मजहर नदीम ने बताया कि प्रदेश में कई फर्जी कंपनियां बिना किसी वैध लाइसेंस के अवैध रूप से पेस्ट कंट्रोल का कारोबार चला रही हैं, जबकि कृषि विभाग से स्वीकृत और रजिस्टर्ड कंपनियों की संख्या बेहद सीमित है। इंटरनेट पर सर्च करते ही सबसे पहले इन्हीं फर्जी कंपनियों के लुभावने विज्ञापन और प्रोफाइल सामने आते हैं। ग्राहक इनके झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं।
5 से 10 साल की फर्जी गारंटी देकर कर रहे ठगी
मजहर नदीम ने बताया कि ये ठग कंपनियां ग्राहकों को 5 से 10 साल की सर्विस गारंटी का झांसा देकर 12,000 से 22,000 रुपये या उससे भी अधिक वसूल लेती हैं। काम कराने के कुछ ही महीनों बाद जब कीट-पतंगे दोबारा पनपने लगते हैं, तो संपर्क करने पर दिए गए मोबाइल नंबर बंद मिलते हैं। जब पीड़ित दिए गए पते पर पहुंचते हैं, तो वहां किसी फर्म का अस्तित्व ही नहीं होता। ऑनलाइन संचालन, फर्जी पते और बार-बार बदले जाने वाले सिम कार्ड के कारण ऐसी ठग कंपनियों पर सीधी कानूनी कार्रवाई करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
फर्जी पेस्ट कंट्रोल कंपनी को ऐसे पहचानें, सुझाव
मजहर नदीम ने कहा कि फर्जी पेस्ट कंट्रोल कंपनियों के जाल में फंसने से सावधान रहें और किसी भी कंपनी को काम सौंपने से पहले कृषि विभाग द्वारा जारी वैध पेस्ट कंट्रोल लाइसेंस और पंजीकरण संख्या अवश्य जांचें। केवल इंटरनेट पर लिखे पते या विज्ञापन पर भरोसा न करें, स्वयं जाकर कंपनी के दफ्तर का सत्यापन करें। मौखिक दावों के बजाय कंपनी के लेटरहेड पर जीएसटी (जीएसटी) नंबर युक्त पक्का बिल, रसीद और लिखित गारंटी प्राप्त करें। 5 से 10 साल की अवास्तविक गारंटी देने वाले लुभावने विज्ञापनों के झांसे में तुरंत न आएं। उन्होंने कहा कि यदि कोई कंपनी भुगतान लेने के बाद नंबर बंद कर दे या फर्जी निकले, तो तत्काल पुलिस और उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराएं।
मजहर नदीम ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे सिर्फ मान्यता प्राप्त और वैध लाइसेंस धारक पेस्ट कंट्रोल एजेंसियों से ही सेवाएं लें, ताकि किसी भी प्रकार की ठगी और असुरक्षित रसायनों के इस्तेमाल से बचा जा सके।
