कलेक्टर ने एक साल के लिए दुर्ग समेत सीमावर्ती 6 जिलों में प्रवेश पर लगाया प्रतिबंध
दुर्ग : न्यूज़ 36 : आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने और जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से दुर्ग कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अभिजीत सिंह ने आरोपी रवि निगम (35 वर्ष) के खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई की है। छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(ख) के तहत जारी आदेश के अनुसार रवि निगम को एक वर्ष की अवधि के लिए दुर्ग और उसके सीमावर्ती जिलों की सीमाओं से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर के आदेश के मुताबिक रवि निगम पिता प्रदीप निगम, निवासी रावण भाठा, सुपेला, थाना सुपेला, जिला दुर्ग को आदेश पारित होने की तारीख से एक सप्ताह के भीतर दुर्ग जिले सहित रायपुर, बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, बालोद और धमतरी जिलों की सीमाओं से बाहर चले जाने का निर्देश दिया गया है।
इसके साथ ही आदेश की तारीख से एक वर्ष तक जिला दण्डाधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना इन जिलों की सीमाओं में प्रवेश करने पर प्रतिबंध रहेगा।
बलवा से लेकर धमकी और गुंडागर्दी तक कई मामले दर्ज
पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन और सुपेला थाना के आपराधिक रिकॉर्ड के अनुसार रवि निगम पिछले करीब 12 वर्षों से लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। उसके खिलाफ बलवा, रास्ता रोककर डराने-धमकाने, मारपीट, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हथियार दिखाकर लोगों में भय पैदा करने जैसे गंभीर आरोपों में मामले दर्ज हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ सुपेला थाना में वर्ष 2013, 2018 और 2023 तथा नंदिनी नगर थाना में वर्ष 2022 में विभिन्न आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं। पुलिस द्वारा समय-समय पर उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई, लेकिन उसकी आपराधिक गतिविधियों में अपेक्षित सुधार नहीं आया।
आम लोगों में बना था भय का माहौल
प्रशासन के अनुसार आरोपी के आपराधिक आचरण के कारण क्षेत्र में लोगों के बीच भय का वातावरण बना हुआ था। लोग उसके खिलाफ शिकायत या साक्ष्य देने से भी डरते थे।
मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन, गवाहों के कथनों और उपलब्ध दस्तावेजों का विस्तृत परीक्षण करने के बाद कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अभिजीत सिंह ने लोक शांति एवं आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिलाबदर की कार्रवाई की है।
