लगा 15 हजार रुपए का जुर्माना
दुर्ग : न्यूज 36 : दुर्ग जिले में पहली बार शराब के नशे में सार्वजनिक यात्री बस चलाने वाले चालक को न्यायालय ने कारावास की सजा सुनाई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, दुर्ग ने आरोपी चालक को मोटरयान अधिनियम की धारा 185 एवं 184 के तहत दोषी ठहराते हुए ₹15 हजार के अर्थदंड के साथ तीन दिन के साधारण कारावास की सजा सुनाई।
जानकारी के अनुसार, यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष वाहन जांच अभियान के दौरान गुरुनानक ट्रेवल्स की राजनांदगांव-दुर्ग-भिलाई मार्ग पर संचालित यात्री बस को जांच के लिए रोका गया। जांच में चालक जितेन्द्र देवांगन शराब के नशे में बस चलाते हुए मिला। उस समय बस में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे, जिससे यात्रियों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की जान खतरे में पड़ गई थी।
पुलिस ने चालक का ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट कराया, जिसमें शराब का सेवन करने की पुष्टि हुई। इसके बाद उसके खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 185 एवं 184 के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया।
सुनवाई के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, दुर्ग ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चालक को दोषी करार देते हुए ₹15 हजार जुर्माना और तीन दिन के साधारण कारावास की सजा सुनाई।
दुर्ग पुलिस ने इसे सड़क सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई बताते हुए कहा कि सार्वजनिक परिवहन वाहन का चालक यदि नशे की हालत में वाहन चलाकर लोगों की जान जोखिम में डालता है, तो उसके खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई में यातायात पुलिस के उप निरीक्षक भीखम की विशेष भूमिका रही, जिन्होंने सतर्कता दिखाते हुए आरोपी चालक को पकड़कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए और प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित किया।
पुलिस ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में शराब पीकर वाहन न चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें।
