करोड़ों के नेटवर्क का खुलासा
भिलाई : न्यूज़ 36 : ऑनलाइन सट्टा और साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। खुर्सीपार थाना पुलिस ने बिहार के पटना से संचालित एक अंतरराज्यीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में गिरोह द्वारा प्रतिदिन 12 से 15 लाख रुपये तथा प्रतिमाह 4 से 5 करोड़ रुपये का ऑनलाइन लेन-देन किए जाने का खुलासा हुआ है।
पुलिस के अनुसार, थाना खुर्सीपार में दर्ज अपराध क्रमांक 236/2026 में धारा 318(3), 318(4), 319 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम, 2022 की धारा 7 के तहत विवेचना की जा रही थी। पहले भी इस मामले में ऑनलाइन सट्टा और म्यूल बैंक खातों से जुड़े कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी।
विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण, मोबाइल डेटा और डिजिटल ट्रेल के आधार पर पुलिस की विशेष टीम बिहार के पटना पहुंची। वहां नारायण प्लाजा अपार्टमेंट में दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा एक विधि-विरुद्ध बालक को किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत अभिरक्षा में लिया गया।
भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में गिरोह द्वारा प्रतिदिन 12 से 15 लाख रुपये तथा प्रतिमाह 4 से 5 करोड़ रुपये का ऑनलाइन लेन-देन किए जाने का खुलासा हुआ है।
पुलिस के अनुसार, थाना खुर्सीपार में दर्ज अपराध क्रमांक 236/2026 में धारा 318(3), 318(4), 319 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम, 2022 की धारा 7 के तहत विवेचना की जा रही थी। पहले भी इस मामले में ऑनलाइन सट्टा और म्यूल बैंक खातों से जुड़े कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी।
विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण, मोबाइल डेटा और डिजिटल ट्रेल के आधार पर पुलिस की विशेष टीम बिहार के पटना पहुंची। वहां नारायण प्लाजा अपार्टमेंट में दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा एक विधि-विरुद्ध बालक को किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत अभिरक्षा में लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आफताब अहमद (24 वर्ष), निवासी अहमदनगर कैंप-2, थाना छावनी, भिलाई तथा दानिश खान (24 वर्ष), निवासी कैंप-1, थाना वैशाली नगर, भिलाई के रूप में हुई है।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी किराये के मकान से लूडो, कैसीनो, एविएटर (Aviator), फुटबॉल बेटिंग समेत विभिन्न ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग प्लेटफॉर्म पर आईडी उपलब्ध कराकर देशभर के लोगों से सट्टा खिलाते थे। हार-जीत की रकम का लेन-देन यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग, नेट बैंकिंग और म्यूल बैंक खातों के जरिए किया जाता था। जांच में यह भी पता चला कि गिरोह लगातार बैंक खाते बदलकर डिजिटल ट्रांजेक्शन करता था, ताकि अवैध कमाई का पता न चल सके।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 14 मोबाइल फोन, 14 एटीएम कार्ड, 11 बैंक पासबुक तथा ऑनलाइन सट्टा संचालन में प्रयुक्त अन्य इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी सामग्री जब्त की है। जब्त डिजिटल उपकरणों और बैंक खातों का फॉरेंसिक एवं तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों और लाभार्थियों की तलाश में जुटी है।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऑनलाइन सट्टा और अवैध बेटिंग से दूर रहें तथा अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड या मोबाइल नंबर किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए न दें। किसी भी संदिग्ध साइबर अपराध या ऑनलाइन सट्टे की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस थाने में दें।
