भिलाई : न्यूज़ 36 : वर्ष 2018 में इस्पात नगरी भिलाई पर आधारित ‘भिलाई एंथम’ तैयार करने वाली टीम ने पद्मविभूषण स्व. तीजन बाई के योगदान को याद किया है। टीम ‘भिलाई एंथम’ ने तीजन बाई को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी है। टीम की संयोजक प्रोफेसर सुस्मिता बसु मजुमदार ने कहा कि अपने शहर भिलाई को एक आदरांजलि देने उन्होंने इसकी रचना की थी और पूरी टीम का मानना था कि इसकी शुरूआत छत्तीसगढ़ की धरोहर पद्मविभूषण तीजन बाई से होनी चाहिए। ऐसे में सीनियर सेकंडरी स्कूल सेक्टर-10 के 1988 बैच से बनीं टीम उनसे मिली थी।
बसु ने बताया कि भिलाई एंथम में वह अपनी लिखी लाइन से तीजन बाई से शुरूआत करवाना चाहती थीं लेकिन तीजन बाई ने कहा कि वह पंडवानी के अलावा कुछ और नहीं गा सकतीं। इसलिए टीम ने तय किया कि उनसे पंडवानी ही गाने कहेंगे। इस पर वे राजी हो गईं और रायपुर के स्टूडियो में पहुंच कर उन्होंने रिकार्डिंग के लिए पंडवानी गाना शुरू किया। बसु ने कहा कि शिफॉन की साड़ी और बिना आस्तीन वाले ब्लाउज़ में पंडवानी गाते हुए उन्हें हम सब मंत्रमुग्ध होकर देख रहे थे। उन्होंने पूरे 45 मिनट अपने गायन से एक ऐसा जादू जगा दिया, जिसकी हम लोग कल्पना भी नहीं कर सकते।
सुस्मिता ने कहा कि ‘भिलाई एंथम’ के लॉन्च से ठीक पहले तीजन बाई को सीने में दर्द के कारण सेक्टर-9 अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। ऐसे में वह लॉन्च में शामिल नहीं हो पाईं, जहाँ भिलाई से जुड़ी प्रख्यात हस्तियों अनुराग बसु, अरुंधति भट्टाचार्य, अनुज शर्मा, अमित साना, पामेला जैन, तत्कालीन सीईओ एम. रवि और ‘भिलाई एंथम’ टीम के सदस्य मौजूद रहने वाले थे।
ऐसे में लॉन्च से पहले सुबह टीम ‘भिलाई एंथम’ उनसे मिलने हॉस्पिटल पहुंची। तब तीजन बाई लॉन्च में न आ पाने के कारण बहुत दुखी थीं, लेकिन साथ ही उनकी मुस्कान बता रही थी कि वह बहुत खुश भी थीं, क्योंकि टीम ने लॉन्च से पहले उन्हें ‘भिलाई एंथम’ की एक सीडी की कॉपी और एक छोटा सा सितार भेंट किया। टीम का मानना है कि ‘भिलाई एंथम’ का वास्तविक लांचिंग तीजन बाई के हाथों भेंट की गई सीडी के दौरान के लम्हे को मानते हैं। तब तीजन बाई ने खूब खुशी जाहिर की थी और पूरी टीम को अपनी शुभकामनाएं दी थी। पंडवानी गुरु तीजन बाई के निधन की खबर मिलने पर टीम ‘भिलाई एंथम’ से जुड़े देश-विदेश के भिलाईयंस ने उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी है।
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