Thursday, June 25, 2026

10 दिवसीय छत्तीसगढ़ स्तरीय लोकवाद्य कार्यशाला शिविर का समापन

छत्तीसगढ़ी लोककला के संरक्षण में कार्यशाला की अहम भूमिका : विजय

भिलाई : न्यूज़ 36 : संस्कृति विभाग (छत्तीसगढ़ शासन) एवं कुहुकी के संयुक्त तत्वावधान में जारी 10 दिवसीय छत्तीसगढ़ स्तरीय लोकवाद्य कार्यशाला शिविर का समापन बुधवार 24 जून की शाम कुहुकी कला ग्राम संग्रहालय परिसर, मैत्रीबाग चौक, मरोदा सेक्टर में हुआ। इस दौरान मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार विजय वर्तमान और विशिष्ट अतिथि साहित्यकार मेनका वर्मा व वरिष्ठ लोक कलाकार गणेश विश्वकर्मा थे।
शुरुआत में अतिथियों के स्वागत के उपरांत स्वागत भाषण  देते हुए अन्नपूर्णा क्षत्रिय ने दस दिवसीय शिविर की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस शिविर में शिल्पकारों ने न सिर्फ अपनी कलाकृतियों और वाद्य यंत्रों का निर्माण किया बल्कि एक दूसरे की कला की बारीकियों को समझा भी। वहीं आगंतुकों ने भी इन कलाकृतियों को बनते हुए देखा।
मुख्य अतिथि विजय वर्तमान ने कहा छत्तीसगढ़ी लोककला के संरक्षण में इस तरह शिविरों का आयोजन एक जरूरी पहल है और ऐसे ही माध्यमों से हमारी कला व संस्कृति देश व दुनिया में फैलेगी। उन्होंने शिविर के संयोजक रिखी क्षत्रिय की पहल की सराहना करते हुए कहा कि एक दूसरे की कला को सीखने का अवसर देने यह एक बेहतर मंच है। आयोजन को  साहित्यकार मेनका वर्मा व वरिष्ठ लोक कलाकार गणेश विश्वकर्मा ने भी संबोधित किया और कलाकारों द्वारा निर्मित कलाकृतियों की सराहना की।
अतिथियों ने समापन समारोह में मौजूद शिबू कश्यप बेल मेटल,डमरू चक्रधारी टेराकोटा,ओकेश विश्वकर्मा लौह शिल्प,दीपक तारम काष्ठ कला, रूंजू वाद्य निर्माणकर्ता नीलकंठ देवार,चिकारा वाद्य निर्माणकर्ता मनहरण,तम्बूरा वाद्य निर्माणकर्ता राम कुमार पाटिल और मांदर वाद्य निर्माणकर्ता पन्ना लाल का सम्मान किया। इस दौरान कलाकारों ने लोकवाद्यों पर आधारित अपनी प्रस्तुति भी दी। अंत में धन्यवाद ज्ञापन संयोजक व लोक वाद्य संग्राहक रिखी क्षत्रिय ने दिया।

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