लॉगिन आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग, बैंक खातों से रुपए की निकासी, दो आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग : न्यूज़ 36 : दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना की शासकीय राशि में धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने जनपद पंचायत स्तर पर प्राप्त लॉगिन आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर हितग्राहियों के बैंक खातों की जगह फर्जी बैंक खातों की जानकारी दर्ज कर लाखों रुपये की राशि ट्रांसफर कर ली थी।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणि शंकर चंद्रा ने बताया कि 17 मई 2026 को जनपद पंचायत धमधा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने थाना धमधा में तथा 19 मई 2026 को जनपद पंचायत पाटन द्वारा थाना पाटन में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि योजना के पात्र हितग्राहियों की शासकीय प्रोत्साहन राशि अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर हो रही है।
जांच में थाना धमधा क्षेत्र के 44 हितग्राहियों की करीब 4 लाख 50 हजार रुपये तथा थाना पाटन क्षेत्र के 63 हितग्राहियों की लगभग 12 लाख 60 हजार रुपये की राशि फर्जी खातों में स्थानांतरित होना पाया गया। इस तरह कुल 107 हितग्राहियों की करीब 17 लाख 10 हजार रुपये से अधिक की राशि की धोखाधड़ी सामने आई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना धमधा एवं थाना पाटन में संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरु की गई। तकनीकी जांच, बैंक दस्तावेजों और ऑनलाइन पोर्टल के विश्लेषण के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपियों ने हितग्राहियों के खातों में सुधार के लिए मिले अधिकृत लॉगिन एक्सेस का दुरुपयोग किया। उन्होंने वास्तविक बैंक खातों के स्थान पर अपने नियंत्रण वाले बैंक खातों की जानकारी दर्ज कर दी, जिससे शासकीय राशि उनके खातों में ट्रांसफर होती रही।
पुलिस ने बताया कि आरोपी एटीएम और मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से राशि का उपयोग कर रहे थे। शिकायत और जांच की जानकारी मिलने पर कुछ रकम वापस भी जमा कराई गई थी।
पुलिस ने आरोपी दीपक कुमार यादव निवासी जिला दुर्ग तथा लिलेश्वर यादव उर्फ रवि (26 वर्ष) निवासी ग्राम अकोला, थाना कुम्हारी जिला दुर्ग को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक एवं अन्य बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
दुर्ग पुलिस ने आमजन एवं शासकीय योजनाओं से जुड़े कर्मचारियों से अपील की है कि किसी भी शासकीय पोर्टल की लॉगिन आईडी, पासवर्ड, बैंकिंग जानकारी या ओटीपी किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करें तथा किसी भी वित्तीय अनियमितता की जानकारी तत्काल पुलिस अथवा संबंधित विभाग को दें।
