आयुष्मान कार्ड से 2900 बीमारियों में इलाज की सुविधा
भिलाई : न्यूज़ 36 : दुर्ग जिले में आयुष्मान कार्ड योजना पर वसूली का खेल चल रहा है। मरीजों को मुफ्त इलाज देने वाली इस योजना में अब निजी अस्पतालों की मनमानी सामने आ रही है। विगत एक साल में करीब 7 निजी अस्पतालों पर कार्रवाई की गई।
दुर्ग जिले में आयुष्मान कार्ड को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। जिले में कुल 48 अस्पताल ऐसे हैं, जहाँ इस योजना के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध है। कई निजी अस्पताल आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद मरीजों से नगद राशि वसूल रहे हैं। मरीजों का आरोप है कि या तो उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया जाता है, या फिर इलाज के नाम पर अतिरिक्त पैसे लिए जाते हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने बीते एक साल में करीब 7 निजी अस्पतालों पर कार्रवाई की है। इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। स्वास्थ्य विभाग की निगरानी के बावजूद कुछ अस्पताल नियमों को दरकिनार कर रहे हैं, जिससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। विभागीय जानकारी के अनुसार आयुष्मान कार्ड से कुल 2900 बीमारियों का इलाज किया जाता है। इसमें से 160 बीमारियों का इलाज सिर्फ सरकारी अस्पतालों के लिए रिर्जव है। वहीं 2740 बीमारियों का इलाज निजी अस्पतालों में होता है।
इन अस्पतालों पर की गई कार्रवाई
शासन द्वारा आईएमआई अस्पताल खुर्सीपार मिलाई, ओम हॉस्पिटल मालवीय नगर दुर्ग, गंगोत्री अस्पताल दुर्ग, महादेव नर्सिंग होम फुंडा पाटन, साई कृपा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल तीन दर्शन मंदिर के पास मिलाई, सुराज हॉस्पिटल नेहरू नगर मिलाई और नवजीवन अस्पताल धमधा रोड चिखली पर कार्रवाई करते हुए आयुष्मान पर इलाज पर रोक लगा दी गई थी। बाद में सुराज हॉस्पिटल और नवजीवन हॉस्पिटल पर फिर से इलाज की स्वीकृति दी गई।
इन अस्पतालों में आयुष्मान से हो रहा इलाज
जिले के अपेक्स आई हॉस्पिटल स्टेशन रोड दुर्ग, अपेक्स सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल कुम्हारी अमिषेक मिश्रा मेमोरियल मेडिकल कॉलेज जुनवानी, आरोग्य क्लीनिक एंड हॉस्पिटल सिंधिया नगर दुर्ग आरोग्यम हॉस्पिटल बायपास रोड दुर्ग, कलर्स चिल्ड्रन हॉस्पिटल न्यू आदर्श नगर दुर्ग, चन्दूलाल चन्द्राकर हॉस्पिटल नेहरू नगर मिलाई, मिलाई नर्सिंग होग रामनगर, स्पर्श अस्पताल रामनगर मिलाई, हाईटेक हॉस्पिटल सूर्यामॉल के पास मिलाई सहित 48 निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड से इलाज किया जा रहा है। वहीं 5 अस्पतालों पर रोक लगाई गई है।
