छत्तीसगढ़ ने नक्सलवाद के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़कर नक्सलवाद का द्वंश झेला है : मूलचंद शर्मा
साजा(अभिषेक) : न्यूज़ 36 :भाजपा प्रदेश किसान मोर्चा के मीडिया सहप्रभारी मूलचंद शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति एवं जीरो टॉलरेंस की नीति के चलते आज भारत नक्सलमुक्त हुआ है। नक्सल मुक्त बस्तर के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति उन्होंने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एवं प्रदेश की साय सरकार ने लगातार प्रयास किया, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जाकर लोगों में जागरूकता लाई एवं माओवादीयों को मुख्यधारा में लाने के लिए समझाईश जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी किए।
हमारे सैकड़ों जवान नक्सलवाद से लड़ते हुए बलिदान हो गए। मूलचंद शर्मा ने आगे कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में एवं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के अथक प्रयास से आज छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त हुआ है। इसके लिए पूरा छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति आभारी रहेगा।
नक्सल प्रभावित होकर नक्सली मुख्यधारा में लौटे
केंद्र सरकार की नीतियों एवं प्रदेश की साय सरकार की नीतियों से प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने नक्सलवाद के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी। दशकों तक हमारे सुंदर वनांचल क्षेत्र के जनजीवन क्षेत्रों में नक्सलवाद का दौर झेला है। लाल आतंक बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ की सीमाओं को घेरे हुए था, जिसके कारण वहां के स्थानीय जनजातीय समुदाय के लोगों का जीवन दहला और क्षेत्र का विकास दोनों ही दशकों तक बाधित रहा।
भाजपा नेताओं ने जब भी प्रण लिया उसे अंजाम तक पहुंचाने का कार्य किया और हर मिथक तोड़ते हुए एक बेहतर भारत के निर्माण में अग्रसर रही। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पहले नक्सलवाद के समापन तिथि निर्धारित करते हुए संकल्प लिया था कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद का सफाया हो जाएगा, जिसे उन्होंने अक्षरशः निभाया।
छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव सरकार ने नक्सलवाद को जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत लेते हुए लगातार नक्सल विरोधी कार्यवाहियां जारी रखीं, जिसमें फलस्वरूप सैकड़ों नामचीन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया और जिसने विरोध किया उसको उसकी जगह पहुंचाने का कार्य हमारे जवानों ने किया। उन्होंने नक्सलमुक्त भारत के लिए केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की विष्णुदेव साय सरकार के प्रति पुनः आभार माना।
