Monday, March 16, 2026

पावर हाउस स्टेशन पर पुलिस की दबंगई, BJP नेता के भाई को बंदूक के बट से पीटा

वीडियो वायरल होते ही SSP ने दोनों आरक्षक को किया लाइन अटैच, जांच सौपी DSP लाइन को

भिलाई : न्यूज़ 36 : छावनी थाना क्षेत्र में पुलिस की कथित मारपीट का मामला सामने आया है। पावर हाउस रेलवे स्टेशन के पास खड़े एक युवक के साथ दो आरक्षकों द्वारा बदसलूकी और मारपीट किए जाने का आरोप लगा है। युवक की पहचान नागेश साहू के रूप में हुई है, जो भाजपा किसान मोर्चा राजनांदगांव के जिला उपाध्यक्ष आनंद साहू के छोटे भाई बताए जा रहे हैं। घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। मामले की जानकारी मिलने के बाद दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने तत्काल संज्ञान लेते हुए दोनों आरक्षकों को लाइन अटैच कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच डीएसपी लाइन चंद्र प्रकाश तिवारी को सौंप दी गई है।

क्या है पूरा मामला : 

जानकारी के अनुसार 12 मार्च की रात नागेश साहू अपने व्यापारिक काम से भिलाई आए हुए थे। वह पावर हाउस रेलवे स्टेशन के पास अपने कुछ साथियों के साथ खड़े थे। इसी दौरान छावनी थाने में पदस्थ दो कॉन्स्टेबल लव पांडेय और राकेश चौधरी वहां पहुंचे और अनावश्यक रूप से खड़े लोगों को हटाने लगे। बताया जा रहा है कि पुलिस को देखते ही अधिकांश लोग वहां से हट गए, लेकिन नागेश साहू और उनके कुछ साथी वहीं खड़े रहे। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर कॉन्स्टेबल राकेश चौधरी ने बंदूक को उल्टा कर उसके बट से नागेश साहू को मारा और कॉलर पकड़कर पीछे धकेल दिया। घटना के दौरान अन्य लोगों से पुलिसकर्मियों को हाथ मिलाते हुए भी देखा गया।

भाजपा नेता ने लगाया गुंडागर्दी का आरोप

नागेश साहू के बड़े भाई आनंद साहू, जो भाजपा किसान मोर्चा राजनांदगांव के जिला उपाध्यक्ष हैं, ने पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके भाई ने कोई अपराध नहीं किया था, फिर भी पुलिस ने उसके साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी नशे की हालत में थे और उनके शर्ट के बटन भी खुले हुए थे। आनंद साहू ने कहा कि वे इस मामले में पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।

भुगतान लेने गए थे भिलाई

आनंद साहू ने बताया कि राजनांदगांव में उनका डाबा है, जिसका संचालन उनका भाई नागेश साहू भी करता है। भिलाई में उनके यहां पहले काम करने वाला एक कर्मचारी था, जिसने कुछ दिन पहले नौकरी छोड़ दी थी और उसका कुछ एडवांस पैसा बाकी था। उसी भुगतान को लेने के लिए नागेश भिलाई गया था।

ड्यूटी सराफा बाजार में, पहुंच गए रेलवे स्टेशन

सूत्रों के मुताबिक, जिस रात यह घटना हुई उस समय दोनों कॉन्स्टेबल की ड्यूटी पावर हाउस स्थित सराफा बाजार में लगाई गई थी। इसके बावजूद वे रेलवे स्टेशन क्षेत्र में पहुंच गए और वहां मौजूद लोगों को हटाने लगे।

फिलहाल घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद मामला और भी चर्चा में आ गया है। पुलिस विभाग की ओर से आधिकारिक बयान अभी सामने नहीं आया है, लेकिन एसएसपी द्वारा दोनों आरक्षकों को लाइन अटैच कर जांच शुरू करा दी गई है।

दोनों आरक्षक लाइन अटैच

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आते ही कार्यवाही करते हुए दोनों ही आरक्षकों को थाने से हटकर लाइन अटैच कर दिया है। इस पूरे मामले की जांच डीएसपी लाइन चंद्र प्रकाश तिवारी को सौंप दी है। उन्हें शीघ्र जांच कर रिपोर्ट सौपने का आदेश दिया गया है।

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