दुर्ग : न्यूज़ 36 : दुर्ग पुलिस ने सूझबूझ से त्वरित कार्यवाही करते हुए अन्धे कत्ल की गुत्थी को सुलझा लिया है। बीड़ी मांगने को लेकर दोनों ही एक दूसरे से उलझ गए। आवेशित नाबालिग ने सिर में पत्थर पटक कर हत्या कर दी। सिटी कोतवाली पुलिस के द्वारा अपचारी बालक को बाल सुधार गृह में भेज दिया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर सुखनंदन राठौर ने बताया कि 9 अक्टूबर को इंदिरा बाजार सब्जी मंडी में एक शव मिला था। जिसकी पहचान नरेश ठाकुर के रूप में हुई थी। मृतक के भाई विकास राजपूत दुर्ग थाना उपस्थित आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि मेरा भाई नरेश ठाकुर उर्फ छोटू जो प्रतिदिन के तरह इंदिरा मार्केट सब्जी मंडी दुर्ग के पास सोता था उस जगह में मृत अवस्था में पड़ा है। उसके सिर से काफी खून निकला है। प्रार्थी कि रिपोर्ट पर मर्ग क्रमांक कायम कर जाँच में लिया गया।
मर्ग जाँच के दौरान घटना स्थल का फोरेसिक टीम के द्वारा निरीक्षण किया गया। पी.एम. रिपोर्ट के आधार पर एवं फोरेंसिक टीम के द्वारा दिये निरीक्षण के अनुसार तथा मर्ग जाँच पर से तथा क्षेत्र में लगे सी.सी.टी.व्ही फुटेज के आधार पर मुखबिर तथा आरोपी के दोस्तो से पता चलने पर आरोपी के द्वारा मृतक के सिर में पत्थर पटक हत्या करना पाया गया। आरोपी के विरुध्द अपराध धारा 103 (1) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण में अपचारी को विधिवत् पुलिस अभिरक्षा में लेकर उम्र संबंधी दस्तावेज प्राप्त कर घटना के संबंध में बारिकी से पुछताछ करने पर बताया कि वह दिनांक 8 अक्टूबर 2025 की रात्रि में अपने दोस्त के बर्थडे पार्टी में लुचकी पारा बाजा बजाने गया था। रात्रि लगभग 12 बजे के आसपास लुचकी पारा से पैदल बीड़ी पीते इंदिरा मार्केट सब्जी मंडी दुर्ग से होते हुये जा रहा था। सब्जी मार्केट के पास अपचारी को एक व्यक्ति मिला जो बीड़ी पीने के लिये मांगने लगा। अपचारी बालक द्वारा बीड़ी देने से मना करने पर वाद विवाद करने लगा। इसी बात को लेकर अपचारी आवेश में आकर वाद-विवाद कर रहे नरेश ठाकुर को उसकी हत्या करने की नियत से पास में पड़े पत्थर से उसके सिर में पटक दिया।
प्रकरण में अपचारी बालक का कृत्य धारा सदर का अपराध घटित करना पाये जाने से विधिवत् गिरफ्तार कर बाल संप्रेक्षण गृह न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया। उक्त कार्यवाही में उनि प्रताप सिंह ठाकुर, सउनि मोहन लाल साहू, प्र.आर. शाहिद खान अजय विश्वकर्मा, आरक्षक केशव कुमार, विकास तिवारी, प्रशांत पाटनकर, कमलकांत अंगूरे, सुरेश जायसवाल की सराहनीय भूमिका रही।
