छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान के प्रतीक हैं
वीर नारायण और मिनीमाता : साय
भिलाई : न्यूज़ 36 : पुरखा के सुरता जन कल्याण समिति मरोदा भिलाई एवं सामाजिक कार्यकर्ता भिलाई-3 अहिवारा के संयुक्त तत्वावधान में सुरता शहीद वीर नारायण सिंह एवं ममतामयी माँ मिनीमाता सामाजिक समरसता सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन 12 अगस्त मंगलवार को मंगल भवन भिलाई-तीन में किया गया। साथ ही अहिवारा के विधायक राजमहंत डोमन लाल कोर्सेवाडा का जन्मोत्सव का कार्यक्रम भी हुआ।
आयोजन के मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री पवन साय ने छत्तीसगढ़ के पुरोधाओं पर केंद्रित आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ का स्वाभिमान अगर बना हुआ है तो वह शहीद वीर नारायण सिंह और ममतामई मां मिनीमाता जैसे व्यक्तित्वों की वजह से है। उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह ने छत्तीसगढ़ की अस्मिता को बचाने अपना बलिदान दिया और ममतामई मां मिनीमाता ने छत्तीसगढ़ के वंचित और शोषित समुदाय की आवाज को संसद तक पहुंचाया। श्री साय ने इस मौके पर अहिवारा के विधायक राजमहंत डोमन लाल कोर्सेवाडा को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल राजनीतिक जीवन की कामना की।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि दुर्ग ग्रामीण के विधायक व उपाध्यक्ष अन्य पिछड़ा वर्ग ललित चन्द्राकर ,पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ,महिला आयोग सदस्य ओजस्वी मंडावी , जिला पंचायत दुर्ग अध्यक्ष सरस्वती बंजारे , जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेन्द्र कौशिक दुर्ग,भिलाई जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन ,राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित गीता बंजारे और राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित घनश्याम सिंह ठाकुर ने भी शहीद वीर नारायण सिंह और प्रथम महिला सांसद मिनीमाता के कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्हें देश और दुनिया के लिए एक अनुकरणीय व्यक्तित्व बताया।

दिए गए पुरोधा सम्मान
आयोजन समिति के अध्यक्ष राजूलाल नेताम व संयोजक पद्मश्री राधेश्याम बारले ने बताया कि कार्यक्रम में अतिथियों ने विशिष्ट व्यक्तित्वों को पुरोधा सम्मान प्रदान किए। इनमें शहीद वीर नारायण सिंह स्मृति सम्मान, मिनीमाता स्मृति सम्मान, बहादुर कलारिन स्मृति सम्मान और बिलासा बाई केवटिन स्मृति सम्मान से समाजसेवी, शिक्षाविद और कला जगत की 25 हस्तियों को एवं प्रावीण्य सूची में आने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से पद्मश्री उषा बारले, प्रेम सागर चतुर्वेदी, पार्षद तुलसी ध्रुव , नटवर ताम्रकार, सतीश साहू,अश्विन डहरिया , सहदेव बंजारे , भोजराज बारले सहित बड़ी संख्या में कलाकार साहित्यकार ,समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मन मोह लिया
आयोजन समिति के अध्यक्ष राजूलाल नेताम व कार्यक्रम के सयोजक पद्मश्री राधेश्याम बारले ने बताया कि सुबह शुरु हुए आयोजन में हरिकीर्तन कामता प्रसाद शरण कुडेरादादर छुरा गरियाबंद द्वारा मांदरी व गेड़ी नृत्य , जय गढ़िया बाबा आदिवासी मांदरी नृत्य सरईटोला नगरी जिला धमतरी द्वारा महिला पंथी नृत्य , सत्संग महिला पंथी दल खुर्सीपार श्रीमती सरोज बाला पाहित भिलाई द्वारा सुवानृत्य, सखी सहेली सुवानृत्य मंडली नेवई द्वारा भरथरी गाथा, हिमानी वासनिक राजनादगांव द्वारा महिला पंथी. माता सफुरा महिला पंथी दल श्रीमती शांता सोनवानी नेवई द्वारा और लोकमंच लोक धरोहर अहिवारा लीलाधर साहू की प्रस्तुति हुई। वहीं छत्तीसगढ़ के ख्याति प्राप्त लोक गायक ,गायिकाओं में वरिष्ठ लोक गायिका कविता वासनिक, लोक गायक हिरेश सिन्हा व जितेश्वरी सिन्हा, लोक गायिका चम्पा निषाद , तुषान्त बारले, आरती बारले , जागेश्वरी मेश्राम, योगिता लहरी और प्रीति रात्रे डभरा की भी प्रस्तुति हुई। इन प्रस्तुतियों को अतिथियों के साथ-साथ दर्शकों ने भी खूब सराहा।
