रायपुर : न्यूज़ 36 : आकाशवाणी के नब्बे वर्षों की शिक्षा सूचना और मनोरंजन की गौरवमयी यात्रा के उपलक्ष्य में आकाशवाणी रायपुर की ओर से 22 मई शुक्रवार को उपशास्त्रीय संगीत एवं सुगम संगीत सभा स्वरोत्सव का आयोजन किया गया। इसमें ख्यातिप्राप्त कलाकारों ने अपनी सांगितिक प्रस्तुतियों से संगीत रसिकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्थानीय विमतारा ऑडिटोरियम में आयोजित “स्वरोत्सव” में श्वेता शिवाले ने ठुमरी, दादरा, मिर्जापुरी कजरी, सावनी नग्मा और गीतों की शानदार प्रस्तुति दी।
इनकी गायी ‘ठुमरी आन मिलों सजना’ और मिर्जापुरी कजरी ‘सेजिया पर लोटे काला नाग’ की धुन पर संगीत रसिक झूम उठे। इसके बाद दर्शको से खचाखच भरे हाल में पद्मश्री मदन चौहान ने सुगम संगीत प्रस्तुत किया। इनके गाये कबीर भजन, गजल, और सूफीयाना कलाम ने ऐसा समां बांधा कि, दर्शक आत्मविभोर हो उठे।
आकाशवाणी रायपुर के उप महानिदेशक तथा क्लस्टर प्रमुख वी. राजेश्वर ने उपस्थित दर्शकों का स्वागत करते हुए कहा कि, स्वरोत्सव का यह आयोजन आकाशवाणी की गौरवशाली परंपरा की याद दिलाता है। आकाशवाणी ने स्वतंत्रता पूर्व एंव आजादी के बाद भी श्रोताओं को सभी क्षेत्रों में जागरूक करने का काम किया है। बदलते हुए परिदृश्य में आकाशवाणी अपने ध्येय वाक्य “बहुजन हिताय बहुजन सुखाय” के सिद्धांत पर अपना प्रसारण जारी रखे हुए है।
आकाशवाणी रायपुर के कार्याक्रम प्रमुख एवं सहायक निदेशक (कार्यक्रम) पंकज मेश्राम ने सुधि श्रोताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, श्रोता एवं कलाकार हर आकाशवाणी की शक्ति हैं। अकाशवाणी से बाहर “स्वरोत्सव” जैसे कार्यक्रमों को आयाजित करने का उद्देश्य यही है कि, विशेष श्रोतावर्ग को उनकी पसंद की प्रस्तुतियों से सीधे तौर पर जोड़ा जा सके। “स्वरोत्सव” के इस संगीतमयी आयोजन का स्मरण संगीत की दुनिया में लम्बे समय तक बना रहेगा।
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