Sunday, March 15, 2026

मौलाना आज़ाद नेशनल फ़ेलोशिप बहाल करने और छात्रवृत्ति बढ़ाने उठी मांग

एसआईओ ने जारी किया छात्र घोषणा-पत्र, समावेशी शिक्षा और सामाजिक न्याय पर ध्यान देने की मांग

भिलाई। भारतीय मुस्लिम युवा विद्यार्थियों के संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ इंडिया (एसआईओ) छत्तीसगढ़ ने छात्र घोषणा-पत्र जारी किया है। साल 2024 के आम चुनावों के मद्देनजर जारी इस घोषणा पत्र का उद्देश्य भारत में शिक्षा, अल्पसंख्यकों और सामाजिक कल्याण को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यानाकर्षण करना है। घोषणापत्र में उठाए गए मुद्दों में मांग की गई है कि सभी के लिए अवसर सुनिश्चित करने एक निष्पक्ष, न्यायसंगत और उचित आरक्षण प्रणाली की व्यवस्था की जाए। सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े जिलों पर विशेष ध्यान दिया जाए और संतुलित विकास के लिए हाशिए पर रह गये क्षेत्रों के उत्थान पर ध्यान केंद्रित किया जाए। रोहित अधिनियम को लागू किया जाए और छात्रों के लिए शैक्षणिक संस्थानों में न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। मौलाना आज़ाद नेशनल फ़ेलोशिप को बहाल किया जाए और अल्पसंख्यकों के लिए छात्रवृत्ति बढ़ाई जाए। शिक्षा तक समान पहुंच के लिए अल्पसंख्यक छात्रों की आर्थिक रूप से सहायता की जाए। भेदभाव और पूर्वाग्रह से मुक्त समाज के लिए भेदभाव विरोधी कानून बनाया जाए। लोगों की गोपनीयता और डेटा की सुरक्षा हेतु कठोर व्यक्तिगत डेटा संरक्षण कानून और गोपनीयता चार्टर बनाया जाए। पर्यावरणीय योजनाओं और सस्टेनेबल डेवलपमेंट संबंधित गतिविधियों के लिए 1000 करोड़ की निधि दी जाए। युवाओं के समग्र विकास को प्राथमिकता देते हुए पूरे भारत में युवाओं के लिए स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण केंद्र खोले जाएं। सभी के लिए सुलभ शिक्षा की प्रतिबद्धता निभाते हुए प्राथमिक से विश्वविद्यालय स्तर तक निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा सुनिश्चित की जाए। देश के युवाओं के लिए नौकरी की सुरक्षा और अवसरों का मार्ग प्रशस्त करने हेतु रोज़गार गारंटी अधिनियम लाया जाए। इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय सचिव मुनव्वर हुसैन और छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष एस के अमानुल्लाह के साथ प्रदेश सेक्रेटरीज मो. इदरीस खान व मो. इमरान अजीज उपस्थित थे।

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