दुर्ग : न्यूज़ 36 : शासकीय जिला अस्पताल दुर्ग में मरीज के परिजन से रिश्तेदार को फोन करने के बहाने मोबाइल लेकर उसके बैंक खाते से 1 लाख 48 हजार 301 रुपये की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को सिटी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी की रकम से खरीदा गया सोने का मंगलसूत्र, घड़ी, पॉवर बैंक, मोबाइल फोन और 20,200 रुपये नगद, कुल करीब 55,700 रुपये की सामग्री बरामद की है।
पुलिस के अनुसार ग्राम महमरा निवासी कुलेश्वर निषाद (35) के पिता का इलाज शासकीय जिला अस्पताल दुर्ग में चल रहा था। 5 सितंबर 2026 को वह अस्पताल में पिता की देखभाल कर रहा था। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने रिश्तेदार को फोन करने की बात कहकर उससे मोबाइल मांगा। मदद के उद्देश्य से प्रार्थी ने अपना मोबाइल उसे दे दिया।
मोबाइल हाथ में आने के बाद आरोपी वहां से चला गया और मोबाइल का दुरुपयोग करते हुए प्रार्थी के बैंक खाते से 1,48,301 रुपये की धोखाधड़ी कर दी। घटना की शिकायत पर सिटी कोतवाली दुर्ग पुलिस ने अपराध क्रमांक 482/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस
विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का विश्लेषण कर आरोपी की पतासाजी की। पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना नाम कमलजीत बांदे उर्फ कमल (29 वर्ष), निवासी ग्राम तमोरा, थाना रानचिरई, जिला बालोद बताया।
पूछताछ में आरोपी ने अस्पताल में मोबाइल लेकर बैंक खाते से रकम निकालने की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही और कब्जे से ठगी की रकम से खरीदी गई सामग्री तथा नगदी बरामद की गई।
ठगी की रकम से खरीदा मंगलसूत्र और मोबाइल
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 17 हजार रुपये कीमत का सोने का मंगलसूत्र, 1 हजार रुपये की घड़ी, 1 हजार रुपये का पॉवर बैंक, 16,500 रुपये कीमत का मोबाइल फोन और 20,200 रुपये नगद बरामद किए। कुल जप्त सामग्री की अनुमानित कीमत 55,700 रुपये बताई गई है।
अस्पताल में भरोसा जीतकर करता था वारदात
पुलिस के मुताबिक आरोपी का तरीका यह था कि वह अस्पताल में मरीज के परिजन को विश्वास में लेकर किसी रिश्तेदार को फोन करने के बहाने मोबाइल मांगता था। मोबाइल मिलने के बाद उसके जरिए बैंक खाते से रकम की धोखाधड़ी करता और प्राप्त राशि से विभिन्न सामान खरीदता था।
पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है।
आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी मामले दर्ज पुलिस के अनुसार आईसीजेएस अभिलेख में आरोपी कमलजीत बांधे के नाम से पूर्व में भी प्रकरण दर्ज होना पाया गया है। इनमें थाना उतई का अपराध क्रमांक 218/2020, धारा 13 जुआ अधिनियम तथा थाना सिटी कोतवाली दुर्ग का अपराध क्रमांक 549/2024, धारा 305 (बी) बीएनएस का मामला शामिल है।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी अपरिचित व्यक्ति को किसी भी बहाने से अपना मोबाइल फोन न दें। मोबाइल में बैंकिंग और वित्तीय जानकारी उपलब्ध होने के कारण उसके दुरुपयोग से बड़ी आर्थिक क्षति हो सकती है। ऑनलाइन ठगी होने पर तत्काल बैंक और पुलिस को सूचना देकर आवश्यक कार्रवाई करें।
