Thursday, October 8, 2026

ऑनलाइन सट्टा के दो पैनल का भंडाफोड़, 10 सटोरिए गिरफ्तार

भिलाई : न्यूज़ 36 : दुर्ग पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के माध्यम से संचालित ऑनलाइन सट्टेबाजी के अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। थाना वैशाली नगर और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की संयुक्त टीम ने महाराष्ट्र के ठाणे में दबिश देकर किराए के फ्लैट से ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दो अलग-अलग ऑनलाइन सट्टा-बेटिंग पैनल संचालित कर रहे थे। जांच में करोड़ों रुपये के बैंक ट्रांजेक्शन से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 31 मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, 12 एटीएम कार्ड सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकदी जब्त की है। जानकारी के अनुसार, दुर्ग पुलिस म्यूल बैंक खातों के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी के अवैध कारोबार की जांच कर रही थी। इसी दौरान तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों में हुए लेन-देन की पड़ताल में महाराष्ट्र के ठाणे से ऑनलाइन सट्टा पैनल संचालित होने की जानकारी सामने आई। जांच में पता चला कि दुर्ग-भिलाई और धमतरी सहित अन्य स्थानों के युवक ठाणे में किराए का फ्लैट लेकर ऑनलाइन सट्टेबाजी का संचालन कर रहे हैं।

तकनीकी जांच से ठाणे तक पहुंची पुलिस

पुलिस के अनुसार, थाना वैशाली नगर में अपराध क्रमांक 370/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2), 317(4), 112, 3(5) और छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 4 एवं 7 के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच की जा रही थी। जांच के दौरान म्यूल बैंक खातों के जरिए किए जा रहे संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिली। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया, जिसके आधार पर ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाले आरोपियों की लोकेशन महाराष्ट्र के ठाणे में मिली। इसके बाद वैशाली नगर थाना पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने ठाणे पहुंचकर संदिग्ध ठिकाने पर दबिश दी।

किराए के फ्लैट में चल रहे थे दो सट्टा पैनल

पुलिस टीम ने ठाणे स्थित किराए के फ्लैट में छापा मारा तो वहां 10 युवक ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ी गतिविधियां संचालित करते मिले। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दो अलग-अलग ऑनलाइन बेटिंग पैनल को शिफ्ट के आधार पर चला रहे थे। इसके लिए विभिन्न बैंक खातों और डिजिटल भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा था। आरोपी ऑनलाइन माध्यम से सट्टे की रकम का लेन-देन करने के साथ उसका हिसाब भी रखते थे। पुलिस ने मौके से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं।

करोड़ों के ट्रांजेक्शन के मिले साक्ष्य

पुलिस जांच में आरोपियों के पास से करोड़ों रुपये के लेन-देन से जुड़े साक्ष्य मिलने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, कुल कितनी रकम का ट्रांजेक्शन हुआ है, इसका अंतिम आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 31 मोबाइल फोन, चार लैपटॉप, 12 एटीएम कार्ड, दो पैन कार्ड, दो बैंक पासबुक, वाई-फाई उपकरण, पेन ड्राइव और नकदी जब्त की है। जब्त मोबाइल फोन और लैपटॉप सहित अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। इन उपकरणों से ऑनलाइन सट्टेबाजी और बैंक खातों के लेन-देन से संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी।

ये 10 आरोपी हुए गिरफ्तार

पुलिस ने ठाणे से गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार की है। – विष्णु तिवारी (19 वर्ष), निवासी कैंप-1, बैकुंठ धाम, भिलाई। – अंकित निषाद (23 वर्ष), निवासी सुभाष नगर, धमतरी। – नितेश कुमार (24 वर्ष), निवासी हटकेसर, धमतरी। – नरेश कन्हाई (24 वर्ष), निवासी बालाजी नगर, खुर्सीपार, भिलाई। – दीपक कश्यप (27 वर्ष), निवासी गगरेल, धमतरी। – मेहुल निषाद (23 वर्ष), निवासी हाउसिंग बोर्ड, धमतरी। – हर्ष वर्धन निषाद (19 वर्ष), निवासी लिटियासेमरिया, थाना बोरी। – संतोष राम (28 वर्ष), निवासी मधुबनी, बिहार। – भुवन लाल देवांगन (28 वर्ष), निवासी कांकेर। – चेतन ध्रुव (27 वर्ष), निवासी सुभाष नगर, धमतरी।

म्यूल बैंक खातों से हो रहा था लेन-देन

पुलिस के मुताबिक, ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था। ऐसे खाते दूसरे व्यक्तियों के नाम पर होते हैं, जिनका उपयोग अवैध रकम के लेन-देन में किया जा सकता है। जांच में सामने आया कि आरोपी विभिन्न बैंक खातों और डिजिटल पेमेंट माध्यमों के जरिए रकम का हिसाब रख रहे थे। पुलिस अब जब्त उपकरणों और बैंक खातों की जांच कर रही है। बैंक खाते और यूपीआई किसी को न दें कार्रवाई के बाद दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक, सिम कार्ड और यूपीआई की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अवैध गतिविधियों में बैंक खातों का इस्तेमाल पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े बैंक खातों, डिजिटल उपकरणों और ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल फॉरेंसिक जांच से मामले में अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।

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