Monday, October 3, 2022

आज ऐतिहासिक दिन , दशकों बाद हमारी धरती पर वापस आए चीते : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज जन्मदिन है। आज वह 72 साल के हो गए। इस मौके पर बधाइयों का तांता लगा हुआ है। देश-विदेश से शुभकामना संदेश आ रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी पीएम मेदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं। पीएम नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाए गए चीतों को छोड़ दिया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। दशकों बाद भारत की धरती पर चीते लौटे हैं। आपको बता दें कि बीजेपी इस मौके पर देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित कर रही है। प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर शनिवार को 15 दिवसीय रक्तदान अभियान की शुरुआत हुई।

पर्यावरण की रक्षा के साथ ही देश की प्रगति: मोदी

पीएम मोदी ने कहा, ‘आज 21वीं सदी का भारत, पूरी दुनिया को संदेश दे रहा है कि अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकीय कोई विरोधाभाषी क्षेत्र नहीं है। पर्यावरण की रक्षा के साथ ही देश की प्रगति भी हो सकती है, ये भारत ने दुनिया को करके दिखाया है।’


‘चीतों को लेकर अंतरराष्ट्रीय गाइडलाइंस का हो रहा पालन’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय गाइडलाइंस पर चलते हुए भारत इन चीतों को बसाने की पूरी कोशिश कर रहा है। हमें अपने प्रयासों को विफल नहीं होने देना है।’

मोदी बोले- चीतों को देखने के लिए लोगों को धैर्य दिखाना

पीएम मोदी ने कहा कि कूनो नेशनल पार्क में इन चीतों को देखने के लिए लोगों को धैर्य दिखाना होगा और कुछ महीनों तक इंतजार करना होगा। आज ये चीते मेहमान बनकर आए हैं। कूनो राष्ट्रीय उद्यान को अपना घर बनाने में सक्षम होने के लिए हमें इन चीतों को कुछ महीने का समय देना होगा।

चीतों के आने से जैव विविधता और बढ़ेगी: मोदी

कूनो नेशनल पार्क में जब चीता फिर से दौड़ेंगे, तो यहां का ग्रासलैंड इकोसिस्टम फिर से बहाल होगा, जैव विविधता और बढ़ेगी। आने वाले दिनों में यहां पर्यावरण पर्यटन भी बढ़ेगा। यहां विकास की नई संभावनाएं जन्म लेंगी।

नामीबिया और वहां की सरकार का धन्यवाद: मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैं हमारे मित्र देश नामीबिया और वहां की सरकार का भी धन्यवाद करता हूं जिनके सहयोग से दशकों बाद चीते भारत की धरती पर वापस लौटे हैं। मुझे विश्वास है कि ये चीते ना केवल प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का बोध कराएंगे, बल्कि हमारे मानवीय मूल्यों और परंपराओं से भी अवगत कराएंगे।’

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