Sunday, September 27, 2026

श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में विश्व फार्मासिस्ट दिवस पर हुए विभिन्न आयोजन

फार्मासिस्ट की भूमिका शिक्षक की तरह महत्वपूर्ण : आई पी मिश्रा

भिलाई : न्यूज़ 36 : श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, के फार्मेसी संकाय के अंतर्गत संचालित श्री शंकराचार्य कॉलेज ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज, श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज एंड रिसर्च, स्कूल ऑफ फार्मेसी तथा केआईपीएस कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में विश्व फार्मासिस्ट दिवस एवं राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में 500 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आई पी मिश्रा ने कहा कि फार्मासिस्ट की भूमिका केवल दवा उपलब्ध कराना नहीं है वह शिक्षक, काउंसलर की तरह महत्वपूर्ण है, उसे स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी देने वाला सहयोगी बनना चाहिए।

विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ स्मिता सेलट ने विद्यार्थियों को आव्हान किया कि वर्तमान में फार्मेसी के क्षेत्र में निरंतर शोध कार्य हो रहें हैं इन्हीं बदलाओं के अनुरूप विद्यार्थी अपने को अपडेट करें। ग्रामीण क्षेत्र में जागरूकता और स्वास्थ्य सलाहकार के दायित्व को भी फार्मासिस्ट अच्छे से निभाए।

आयोजन की संयोजक डॉ स्वर्णली दास पॉल ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्व फार्मासिस्ट दिवस का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में फार्मासिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका से परिचित कराना तथा औषधियों के सुरक्षित एवं तर्कसंगत उपयोग, रोगाणुरोधी प्रतिरोध की रोकथाम, संक्रमण नियंत्रण, टीकाकरण, समग्र स्वास्थ्य दृष्टिकोण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं डिजिटल स्वास्थ्य, नवीन उपचार पद्धतियों तथा व्यक्तिगत आवश्यकता के अनुरूप चिकित्सा जैसे समसामयिक विषयों के प्रति जागरूक करना रहा।

इस वर्ष आयोजन की थीम “स्वास्थ्य भारतः एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस से मुकाबला” रखी गई है।इस अवसर पर पोस्टर निर्माण, औषधि-विज्ञान प्रश्नोत्तरी, सूचना-पत्र निर्माण, नाटक एवं नुक्कड़ नाटक तथा लघु चलचित्र निर्माण जैसी विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, ज्ञान एवं रचनात्मकता का प्रदर्शन करते हुए फार्मासिस्ट की बदलती भूमिका, औषधियों के सुरक्षित उपयोग तथा रोगाणुरोधी प्रतिरोध के प्रति जन-जागरूकता का प्रभावी संदेश दिया।

प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन निर्धारित मापदंडों के आधार पर किया जा रहा है। प्रत्येक प्रतियोगिता में प्रत्येक महाविद्यालय से तीन विजेताओं का चयन किया जाएगा। चयनित विजेता आगामी राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह के दौरान रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय अंतिम चरण में भाग लेंगे। यहां चयनित प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में राज्य का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त होगा।

विश्वविद्यालय में फार्मेसी संकाय के डायरेक्टर डॉ हेमंत बडवाइक, डॉ गुंजन जैसवानी, डॉ देवेंद्र कुमार साहू, ने कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में यह संदेश दिया कि आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में फार्मासिस्ट की भूमिका केवल औषधि वितरण तक सीमित नहीं है। रोगी सुरक्षा, औषधि संबंधी जागरूकता, रोगाणुरोधी प्रतिरोध पर नियंत्रण, स्वास्थ्य शिक्षा, संक्रमण नियंत्रण, डिजिटल स्वास्थ्य तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी है।कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ वैभव तिवारी, डॉ राजेश चौधरी, डॉ आलोक सिंह ठाकुर, डॉ जयश्री सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

 

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