दुर्ग : न्यूज़ 36 : आरक्षण की घोषणा होते ही दुर्ग नगर निगम में चार प्रबल दावेदारों की सूची की चर्चा थी कांग्रेस से दो दावेदार एवं भाजपा से दो दावेदार कांग्रेस के दो दावेदारों श्रीमती सत्यवती वर्मा एवं श्रीमती प्रेमलता पोषण साहू में से श्रीमती प्रेमलता पोषण साहू पर भरोसा जताते हुए अपना प्रत्याशी घोषित किया वहीं भारतीय जनता पार्टी ने श्रीमती अलका वाघमारे पर भरोसा जताया श्रीमती अलका वाघमारे एवं श्रीमती प्रेमलता साहू की राजनीति सक्रियता की बात करें तो दोनों ही नगर पालिक निगम में पार्षद की भूमिका में रह चुकी हैं, और वार्ड की जनता के प्रति अपने दायित्व को निभा चुकी हैं। जहां श्रीमती अलका वाघमारे पूर्व में वार्ड पार्षद एवं वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की जिला उपाध्यक्ष के साथ-साथ कई अन्य जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए संगठन के साथ जुड़ी रही। वहीं श्रीमती प्रेमलता साहू लगातार दो बार वार्ड की पार्षद रही। दुर्ग नगर निगम में ओबीसी महिला आरक्षण होने के बाद एवं दोनों ही पार्टी के द्वारा महापौर प्रत्याशी की घोषणा के बाद स्थिति साफ हो गई अब इस चुनावी जंग में श्रीमती प्रेमलता पोषण साहू एवं श्रीमती अलका वाघमारे आमने-सामने होगी । सक्रियता के मामले में दोनों बराबर है।
नगरी निकाय चुनाव में जातिगत समीकरण मायने नहीं रखते परंतु दूसरी तरफ यह भी सत्य है कि दुर्ग नगर पालिक निगम क्षेत्र में साहू समाज की बहुलता है। वहीं दूसरे नंबर पर कुर्मी समाज आता है। ऐसे में दोनों ही समाज के मतदाता निगम क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन लाने में सक्षम है। दोनों ही प्रत्याशी न विवाद छवि के होने के साथ-साथ हम उम्र भी है ऐसे में दुर्ग नगर निगम में नारी शक्ति के रूप में जीत चाहे श्रीमती अलका वाघमारे की हो या फिर श्रीमती प्रेमलता पोषण साहू की ऐसी उम्मीद की जा रही है, कि इस बार रबर स्टैंप महापौर इस बार दुर्ग नगर निगम को नहीं मिलेगा। दोनों ही प्रत्याशी अपने-अपने पार्टियों में सभी नेताओं से तालमेल बनाकर राजनीति करती आ रहीं है। किसी एक नेता की छवि इनमें नजर नहीं आई वहीं कार्यकर्ताओं के बीच से आने के कारण दोनों ही दलों के कार्यकर्ताओं में भी उत्साह का वातावरण निर्मित है।
जीत या हार तो परिणाम के बाद ही पता चलेगा परंतु यह भी सत्य है कि आरोप प्रत्यारोप का जो दौर चलेगा वह एक स्वच्छ राजनीति को भी जन्म देगा दोनों ही नारी शक्ति मिलनसार एवं सौम्य व् शिक्षित परिवार से संबंध रखती हैं । ऐसे में चुनावी मुकाबला रोचक तो रहेगा ही परंतु इस रोचकता में एक मर्यादा भी शामिल रहेगी जो एक स्वच्छ लोकतंत्र और खूबसूरत लोकतंत्र का अहम हिस्सा है। जिसका स्वप्न संविधान के निर्माता ने देखा। न्यूज 36 दोनों ही प्रत्याशियों को शुभकामनाएं देता है जीत किसी एक की ही होगी एवं दूसरा प्रत्याशी छाया महापौर के रूप में 5 साल तक पहचाना जाएगा और विपक्ष में रहकर अपनी भूमिका को जरूर निभाएगा ।
आप की राय
[yop_poll id="1"]
