साजा(अभिषेक) : न्यूज़ 36 : लंबे समय से बंद पड़े आत्मानंद स्कूल के निर्माण में जान डालने जिलाधीश स्वयं निरीक्षण करने पहुंचे बता देना लाजिमी हो कि 3 साल से यह निर्माण कार्य बंद पड़ा है। जिसके चलते बच्चों को स्कूल भवन नहीं मिल पा रहा आज भी शहर में दो शिफ्ट में स्कूल संचालित होता है अधिकारियों के गैरजिम्मेदाराना कार्य प्रणाली के चलते बच्चों को आज तक नवीन स्कूल भवन नहीं मिल पाया बार-बार शिकायत के बाद भी स्कूल के कार्य में कोई प्रगति नहीं आई जिसको लेकर शहर में लोगों में आक्रोश भी है जिलाधीश ने मंडी बोर्ड के अधिकारी से कार्य के संबंध में जानकारी दी 3 करोड़ 30 लाख की लागत से बन रहा भवन कब पूरा होगा अभी भी स्पष्ट नहीं है पुराने ठेकेदार ने काम बंद कर दिया नया टेंडर का काम चल रहा है ऐसे में बच्चोंको इस सत्र में नया भवन मिलने की उम्मीद कम नजर आ रही है वैसे भी बता देना लाजमी है कि मंडी बोर्ड के बारे में लोगों को जानकारी नहीं होती तीन करोड़ 30 लाख का निर्माण कार्य कहीं पर भी सूचना पटल में नहीं अंकित है आज लोगों को अधिकारी के द्वारा जानकारी देने के समय पता चला कि उक्त निर्माण कार्य 3 करोड़ से अधिक का है अब देखना है जिलाधीश के दौरे के बाद क्या कार्य में प्रगति आती है।
*मंडी बोर्ड की राशि से एक और बना स्कूल अधूरा और जर्जर*
शहर में मंडी बोर्ड के आबंटन से जलाशय के भीतर बना एक करोड़ का स्कूल भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है और अधूरा पड़ा है आखिर जलाशय में स्कूल बनाने के लिए मंडी बोर्ड ने आवंटन कैसे दिया यह एक गंभीर जांच का विषय है इस स्कूल के निरीक्षण के लिए जिलाधीश से नगर पंचायत अध्यक्ष उपाध्यक्ष जनपद अध्यक्ष मंडल अध्यक्ष सहित तमाम लोगों ने
जांच करने का आग्रह किया लेकिन समय अभाव का कारण बताते हुए जिलाधीश ने विशेष रूप से जलाशय का निरीक्षण करने की बात कही बता देना लाजिमी हो कि मंडी बोर्ड कार्यों के किसी भी कार्य में सूचना पटल नहीं होता जिसके चलते लोगों को निर्माण कार्य के बारे में जानकारी नहीं हो पाती इसका कोई भी इंजीनियर मुख्यालय में नहीं रहता जिससे कोई जानकारी मिल सके सिर्फ ठेकेदार और विभाग के अलावा इसके निर्माण कार्य के बारे में कोई नहीं जानता इसका सबसे बड़ा नुकसान साजा शहर को उठाना पड़ रहा है इसके बाद शुरू हुए कई यह काम पूरे हो गए सिर्फ स्थानीय छात्रों को सरकारी राशि आने के बाद भी सुविधा नहीं मिल पाई बांध में बना स्कूल खतरे से खाली नहीं इसकी अनुमति भी नहीं ली गयी है क्या यह निर्माण सही है या ग़लत इस जर्जर भवन में एक करोड़ भुगतान होने की खबर है।

साजा रजत जयंती समारोह में पहुंचे जिलाधीश ने 3 साल से बंद पड़े आत्मानंद भवन का निरीक्षण किया इस दरमियान भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिलाधीश से जलाशय के निरीक्षण का आग्रह किया लेकिन उन्होंने बात टाल दी इससे नाराज भाजपा कार्यकर्ताओं ने तत्काल मुख्यमंत्री से मिलकर इसकी शिकायत की रूपरेखा तैयार की देर रात राजधानी में मंडल अध्यक्ष बुलॉक साहू कैशौ पटेल नारद वर्मा ने मुख्यमंत्री निवास में मुलाकात कर साजा जलाशय के उच्च स्तरीय
जांच करने की लिए ज्ञापन सौंपा मुख्यमंत्री ने सरकारी बांध के संबंध विस्तृत जानकारी लेने के बाद तत्काल सचिव को मामले की जांच के लिए आदेशित किया।
