प्रकरण समाप्त करने रखी थी 5 लाख की मांग, पुलिस अधीक्षक दुर्ग से की शिकायत
भिलाई : न्यूज़ 36 : नन्दिनी रोड के एक व्यापारी ने थाना प्रभारी जामुल सहित पांच पुलिस कर्मियों द्वारा उसके खिलाफ झूठी शिकायत पर अपराध दर्ज करने का आरोप लगाया है। इस पूरे मामले को खारिज़ करने के लिए पांचों पुलिस कर्मचारीयों पर 5 लाख वसूली करने की शिकायत दुर्ग पुलिस अधीक्षक से व्यापारी ने की है। इसके अलावा शिकायत में व्यापारी ने यह भी बताया है कि थाना प्रभारी जामुल द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा का नाम लेते हुए उसके दुकान से 55,000 के फर्नीचर खरीदे थे। इसके भुगतान का मैसेज करने पर थाना प्रभारी उत्तेजित हो गए और रंजीश रखते हुए मेरे ऊपर उपरोक्त करवाई की है। व्यापारी संदीप गुप्ता पिता रामबरन गुप्ता उम्र “39” वर्ष रामलक्ष्मी इंटरप्राइजेज नंदनी रोड, जामुल होम अप्लायंसेज के संचालक संदीप गुप्ता ने पुलिस अधीक्षक दुर्ग को की गई शिकायत में यह भी उल्लेख किया है, कि चुरामन साहू द्वारा वॉटर प्यूरीफायर सप्लाई किया जाता था, जिसमें तकनीकी खराबी थी। संदीप गुप्ता ने चूरामन साहू को वॉटर प्यूरीफायर वापस लेने एवं भुगतान की गई राशि लौटाने कहा था, लेकिन वॉटर प्यूरीफायर सप्लायर चुरामन साहू ने राशि लौटाने के बजाय झुठी शिकायत संदीप गुप्ता के खिलाफ जामुल थाने में दर्ज कराई। चूरामन साहू की रिपोर्ट पर जामुल पुलिस के द्वारा संदीप गुप्ता के खिलाफ अपराध क्रमांक 101/ 2024 के अंतर्गत धारा 294, 323, 506 के तहत अपराध दर्ज किया है। व्यापारी का कहना है कि यह शिकायत झूठी थी। झूठी शिकायत पर जामुल पुलिस द्वारा अपराध दर्ज किया गया है। थाना जामुल के बुलावे पर पहुंचे व्यापारी ने विस्तार पूर्वक जानकारी दी परंतु पुलिस द्वारा मामले को समाप्त करने के बजाय उसे झूठे मामले में एक दो धाराएं और जोड़ दी गई। व्यापारी द्वारा शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पूरे मामले को खत्म करने के लिए थाना प्रभारी जामुल मामले की विवेचक प्रधान आरक्षक विजय साहू, आरक्षक संजय मिश्रा “1229” आरक्षक अजय सिंह “1423” ने षडयंत्र पूर्वक इस पूरे मामले को खारिज करने के लिए उसे 5 लाख की रिश्वत मांगी थी। 7 अप्रैल को थाना प्रभारी ने दुकान पर आकर एक सोफा सेट, सेंटर टेबल और दो टेबल पसंद किया तथा कहा कि यह एडिशनल एसपी साहब अभिषेक झा के यहां भिजवाना है, और इसका पैसा मैं दूंगा। व्यापारी ने सारा सामान एडिशनल एसपी साहब के यहां भिजवा कर उनके व्हाट्सएप नंबर 9479146 955 पर सूचना दी और उन्हें 55,000 मूल्य बतलाते हुए संबंधों में जो उचित हो कम करके देने का आग्रह किया। व्यापारी ने आरोप लगाया कि इस मैसेज के बाद थाना प्रभारी भड़क गए तथा उन्होंने विवेचके को व्यापारी को खिलाफ अपराध क्रमांक 101/ 2024 अंतर्गत धारा 294, 323, 506, में एक गंभीर धारा 327 जोड़ दी गई । थाने बुलवाकर हिरासत में लिया आरक्षक संजय मिश्रा, आरक्षक अजय सिंह ने सारा मामला खत्म करने चालान पेश करने डॉक्टर से मेडिकल रिपोर्ट चेंज करने के लिए ₹5 लाख की मांग की। व्यापारी ने आरोप लगाया कि दोनों आरक्षक के द्वारा यह प्रस्ताव थाना प्रभारी के सामने ही दिया गया था। जिन में उनकी भी सहमति नजर आ रही थी। रात्रि 8:00 बजे तक का समय दिया गया इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताने पर मेरे पास रखे 10,000 रुपये भी दोनों आरक्षण के द्वारा ले लिए गए। व्यापारी ने आरोप लगाया है, कि उसे विश्वास हो गया है कि थाना प्रभारी, विवेचक एवं दोनों ही आरक्षक और यह सब पांच पुलिस कर्मचारियों की मिली भगत है। और मुझसे रुपए वसूल करना चाहते हैं। व्यापारी द्वारा इस शिकायती आवेदन के साथ थाना प्रभारी जामुल एवं स्वयं के मध्य हुए व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट भी पुलिस अधीक्षक के समक्ष संलग्न किए हैं और पुलिस अधीक्षक से आग्रह किया है, जामुल थाने में उनके खिलाफ दर्ज झूठा अपराध खारिज किया जाये।
