14.16 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध ट्रांजेक्शन
भिलाई : न्यूज़ 36 : साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दुर्ग पुलिस ने बैंक खाता किराये पर देकर साइबर ठगी में सहयोग करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपी के बैंक खाते में 14.16 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध ट्रांजेक्शन पाए गए हैं।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणि शंकर चंद्रा ने बताया कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल तथा पुलिस मुख्यालय से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर थाना पुरानी भिलाई क्षेत्र में संचालित विभिन्न बैंक खातों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान बैंक ऑफ महाराष्ट्र की चिखली शाखा में संचालित एक खाते का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त राशि के लेन-देन के लिए किए जाने का मामला सामने आया।
विवेचना में पता चला कि खाताधारक ने पैसों केलालच में अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड अन्य व्यक्ति को उपलब्ध कराया था। बाद में उक्त खाते का उपयोग साइबर अपराधियों द्वारा म्यूल अकाउंट के रूप में किया गया। जांच में खाते के माध्यम से लगभग 14 लाख 16 हजार 645 रुपये का संदिग्ध लेन-देन पाया गया।
मामले में थाना पुरानी भिलाई पुलिस ने अपराध क्रमांक 258/2026 दर्ज कर आरोपी आकाश भट्ट (22 वर्ष), निवासी अहिवारा, जिला दुर्ग को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से बैंक खाते से संबंधित दस्तावेज, एटीएम कार्ड एवं मोबाइल सिम कार्ड जब्त किए गए हैं।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318 (3) एवं 318(4) के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, इंटरनेट बैंकिंग या सिम कार्ड उपयोग के लिए न दें। ऐसे मामलों में खाताधारक भी साइबर अपराध का सहयोगी माना जा सकता है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। साइबर ठगी की किसी भी जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
