दुर्ग : न्यूज 36 : नाबालिग को विवाह का प्रलोभन देकर अपने साथ भाग ले जाने व दुष्कर्म करने के मामले में न्यायालय ने आरोपी अंशुदास मानिकपुरी को 20 साल कारावास की सजा सुनाई है।
आरोपी को एक हजार रुपये अर्थदंड से भी दण्डित किया गया है। अभियोजन के मुताबिक पीड़िता की मां ने जामुल थाना में तीन नवंबर 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी 15 वर्ष छह माह की पुत्री 24 अगस्त 2024 की रात्रि घर से बिना बताए चली गई है। पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। इस दौरान पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली कि पीड़िता आदर्श नगर कैम्प-1 छावनी निवासी आरोपी अंशुदास मानिकपुरी (18) के साथ ग्राम छतौना बिलासपुर में है। 10 नवंबर 2024 को जामुल पुलिस छतौना जाकर पीड़िता को आरोपी के कब्जे से बरामद किया।
पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आई कि आरोपी पीड़िता के स्कूल में पढ़ता था। 24 अगस्त, 2024 की रात्रि आरोपी उसे सूर्यकुण्ड तालाब के पास आने के लिए बोला। आरोपी उसे आटो में बैठाकर जबरदस्ती दुर्ग रेलवे स्टेशन ले गया और रात्रि एक बजे ग्राम छतौना स्थित अपने घर ले जाने के लिए बिलासपुर जाने वाली ट्रेन में बिठाकर अपने घर ले गया। पीड़िता ने पुलिस को यह भी बताया कि आरोपी द्वारा उसे पढ़ाने, उससे प्यार करने और शादी का प्रलोभन देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया। पुलिस ने आरोपी अंशुदास मानिकपुरी के खिलाफ अपराध दर्ज कर प्रकरण सुनवाई के लिए अपर सत्र न्यायाधीश अनिष दुबे के न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले में न्यायालय ने दोष प्रमाणित होने पर आरोपी को धारा 137(2) में 20 साल कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
