दुर्ग : न्यूज़ 36 : भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘पीएम विकास परियोजना’ के प्रचार-प्रसार और क्षमता वृद्धि के तहत दुर्ग जिला पंचायत संसाधन केंद्र (DPRC) अंजोरा में मंगलवार को एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विकाशखंड दुर्ग, पाटन एवं घमघा के 12 नवनियुक्त सरपंचों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य योजना में पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना तथा पंचायत स्तर पर इसका व्यापक प्रसार करना था।

सहयोगी रेडियो 91.2 FM के आउटरीच कार्यक्रम के अंतर्गत 1 जनवरी 2026 से विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं, पंचायती राज संस्थाओं और प्रशिक्षण केंद्रों में पीएम विकास परियोजना का प्रचार-प्रसार एवं प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। इस कड़ी में DPRC अंजोरा में आयोजित सत्र में सरपंचों को योजना की बारीकियां समझाई गईं। उन्होंने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे पंचायत स्तर पर योजना का प्रचार करेंगे और हितग्राहियों तक इसे पहुंचाएंगे।
यह परियोजना अल्पसंख्यक मंत्रालय की पहल पर अल्पसंख्यक समुदाय को सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई है। ‘पीएम विकास’ (प्रधानमंत्री विरासत संवर्धन परियोजना) ‘सीखो और कमाओ’, ‘उस्ताद’, ‘हमारी धरोहर’, ‘नई रोशनी’ तथा ‘नई मंजिल’ जैसी योजनाओं का समिश्रण है। प्रशिक्षण में योजना का परिचय, पात्रता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया, हमारी विरासत-हमारा गौरव, रेडियो चौपाल, संवाद, साक्षात्कार, सफल हितग्राहियों के अनुभव, हुनर हाट के माध्यम से बाजार संपर्क, स्थानीय कलाओं का महत्व तथा निरंतर जागरूकता कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई। इन सत्रों का लक्ष्य योजना की सूक्ष्म जानकारियां अंचल के सभी लोगों तक पहुंचाना है, ताकि सीधे हितग्राही लाभान्वित हो सकें।
रेडियो समन्वय कार्यक्रम के तहत रेडियो रायपुरिया पर प्रतिदिन 60 सेकंड का रेडियो स्पॉट प्रसारित किया जा रहा है। साथ ही, सहयोगी रेडियो द्वारा आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापक जनसंपर्क अभियान और क्षमता वृद्धि प्रशिक्षण चलाए जा रहे हैं। इनमें लाभार्थी हितग्राहियों के अलावा योजना से जुड़े अधिकारी और जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जा रहा है।
कार्यक्रम में DPRC अंजोरा के संकाय सदस्य परमार, सुश्री प्रभा ध्रुव तथा सहयोगी रेडियो के केंद्र निर्देशक महेंद्र सिन्हा ने सरपंचों को पंचायती राज अधिनियम की जानकारी के साथ-साथ पीएम विकास योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पंचायत स्तर पर योजना के प्रसार के लिए आह्वान किया। आउटरीच कार्यक्रम को सहयोगी रेडियो द्वारा निरंतर चलाया जाएगा।

प्रशिक्षण में शामिल सरपंचों में ग्राम पंचायत भरदा की सरपंच श्रीमती सुनीता भारदिय, कोनारी श्रीमती गुंजेश्वरी साहू, बिरेझर इंद्रजीत साहू, झोला श्रीमती बसंती निषाद, मोहलाई नरेंद्र निषाद, पीपरछेड़ी श्रीमती ललिता निषाद, खपरी श्रीमती अनुसुईया साहू, महमरा श्रीमती नर्मदा बाई ठाकुर, रसमड़ा श्रीमती मोतिम बालकिशन निषाद, नगपुरा श्रीमती सरोज भूपेंद्र रिंगरी, कोलिहापुरी ईश्वर साहू तथा पीसेगांव श्रीमती द्रौपती देशमुख शामिल रहीं। अंत में, सहयोगी रेडियो की कार्यक्रम संयोजक श्रीमती यामिनी हरमुख तथा जेंडर इक्विटी फेलो अंचल मानिकपुरी ने सभी का आभार व्यक्त किया।
यह पहल न केवल अल्पसंख्यक समुदाय को सशक्त बनाएगी, बल्कि स्थानीय विरासत को संरक्षित करते हुए आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी। जिला प्रशासन ने सभी सरपंचों से अपील की है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में योजना का अधिक से अधिक प्रचार करें।
