Sunday, October 11, 2026

राजस्व वसूली में लापरवाही पर महापौर एवं कमिश्नर सख्त

कमजोर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को वसूली कार्य से हटाने के निर्देश

दुर्ग : न्यूज़ 36 : नगर पालिक निगम शहर में राजस्व वसूली को गति देने और निगम की आय बढ़ाने के उद्देश्य से महापौर अलका बाघमार एवं कमिश्नर लीना कोसम ने राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समीक्षा बैठक लेकर वसूली कार्य में गंभीरता बरतने के निर्देश दिए।बैठक में लोक कर्म प्रभारी देव नारायण चन्द्राकर, बाजार व राजस्व विभाग प्रभारी शेखर चन्द्राकर मौजूद रहें।

बैठक में सभी वार्डों के सहायक राजस्व निरीक्षकों द्वारा अप्रैल से सितंबर 2026 तक की गई राजस्व वसूली की समीक्षा की गई।समीक्षा के दौरान जिन सहायक राजस्व निरीक्षकों की वसूली बेहद कम पाई गई, उनके प्रदर्शन पर महापौर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व वसूली जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राजस्व अधिकारी आर.के. बोरकर को निर्देशित किया कि वसूली में लगातार कमजोर प्रदर्शन करने एवं लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को वसूली कार्य से पृथक करने की कार्रवाई की जाए।

महापौर एवं कमिश्नर ने सभी सहायक राजस्व निरीक्षकों एवं राजस्व उपनिरीक्षकों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से फील्ड में रहकर बड़े बकायादारों सहित अन्य करदाताओं से अधिक से अधिक राजस्व वसूली सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि निगम के राजस्व लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी अधिकारी-कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं और बकाया कर वसूली में तेजी लाएं।

आवासीय भवनों में व्यवसाय करने वालों का होगा पुनर्मूल्यांकन

महापौर ने निर्देशित किया कि जिन वार्डों में आवासीय भवनों का उपयोग व्यवसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, ऐसे भवनों को चिन्हांकित कर उनका पुनर्मूल्यांकन (री-असेसमेंट) किया जाए। नियमानुसार कर का निर्धारण करते हुए आवश्यकतानुसार संपत्ति कर में वृद्धि की कार्रवाई की जाए, ताकि निगम को नियमानुसार राजस्व प्राप्त हो सके।
उन्होंने बड़े बकायादारों द्वारा बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद टैक्स जमा नहीं करने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। आवश्यकता पड़ने पर बकायादारों के नल कनेक्शन विच्छेद करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित करने को कहा।
व्यवसायिक गतिविधियों के लिए लाइसेंस अनिवार्य
बैठक में राजस्व विभाग के प्रभारी शेखर चंद्राकर ने सभी सहायक राजस्व निरीक्षकों एवं राजस्व उपनिरीक्षकों को राजस्व वसूली का कार्य गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी केवल कार्यालय तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में जाकर करदाताओं से संपर्क करें और बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित करें।

उन्होंने आवासीय भवनों में व्यवसाय संचालित करने वालों को चिन्हांकित कर इसकी जानकारी लाइसेंस शाखा को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए, ताकि संबंधित व्यवसायियों को नियमानुसार लाइसेंस प्रक्रिया के दायरे में लाया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर में व्यवसायिक गतिविधियों का संचालन निर्धारित नियमों के अनुरूप हो तथा जहां लाइसेंस अनिवार्य है, वहां लाइसेंस लेना सुनिश्चित कराया जाए।

महापौर अलका बाघमार एवं कमिश्नर लीना कोसम ने अधिकारियों-कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि राजस्व वसूली में किसी भी प्रकार की उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारी निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए निगम की आय बढ़ाने और राजस्व व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रभावी प्रयास करें।

 

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