दुर्ग पुलिस ने आंध्र प्रदेश से गिरफ्तार किया दो आरोपी
भिलाई : न्यूज़ 36 : बैंकिंग क्षेत्र से जुड़ी भिलाई की महिला से अक्टूबर महीने में 48 लाख रुपए की ठगी हुई थी। पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज के निर्देशन में साइबर पुलिस दुर्ग को बड़ी सफलता मिली है। 48 लाख की फॉरेक्स ठगी में संलिप्त साइबर ठगों को आंध्रप्रदेश से गिरफ्तार किया गया।
साइबर अपराध के विरुद्ध सशक्त और प्रभावी कार्रवाई करते हुए पीड़ित की 48 लाख 67 हजार 500 रुपये की ठगी के मामले में दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग रेंज रामगोपाल गर्ग के सख्त निर्देशन एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में सायबर थाना की टीम द्वारा यह महत्वपूर्ण सफलता अर्जित की गई है।9 अक्टूबर 2025 को प्रार्थी द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि इन्स्टाग्राम पर फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश करने हेतु भेजे गए लिंक पर क्लिक कर उनसे कुल ₹48,67,500 की ठगी की गई। शिकायत मिलने पर सायबर थाना दुर्ग में अपराध क्रमांक 08/2025 धारा 318(4), 336, 3(5) बी.एन.एस. के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।

प्रकरण के तकनीकी विश्लेषण एवं डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर आरोपियों की लोकेशन आंध्रप्रदेश में होने की पुष्टि हुई, जिस पर एक विशेष पुलिस टीम जिला अनकापल्ली (आंध्रप्रदेश) रवाना की गई। टीम ने वहां से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर विवेचना में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, बैंक पासबुक एवं एटीएम कार्ड जप्त किए गए हैं। दोनों आरोपियों को व्यायालय में प्रस्तुत कर केंद्रीय जेल दुर्ग में निरुद्ध किया गया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में : 1. पी. सत्यनागा मूर्ति, पिता सत्यनारायण मूर्ति, उम्र 25 वर्ष, निवासी पुलापर्थी, यालानंचली मंडल, जिला अनकापल्ली (आंध्रप्रदेश) 2. बालाजी श्रीनू, पिता बालाजी रामू नायडू, उम्र 34 वर्ष, निवासी चित्रा विधि, तहसील यालामंचली, जिला पुलापर्थी, विशाखापट्टनम (आंध्रप्रदेश)

आरोपियों को पकड़ने में सफलता प्राप्त करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक जितेन्द्र वर्मा, सउनि. पूर्ण बहादुर, आरक्षक अनूप कुमार शर्मा, आरक्षक जुगनू सिंह, आरक्षक विवेक सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आमजनों से पुलिस ने की अपील
दुर्ग रेंज पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी अनजान लिंक, ऑनलाइन निवेश, फॉरेक्स या ट्रेडिंग के प्रलोभन में बिना सत्यापन के विश्वास न करें और किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की जानकारी तुरंत सायबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम सायबर थाना में दें। साइबर प्रहरी को फॉलो करे।
