भिलाई : न्यूज़ 36 : दुर्ग जिले के समोदा में सामने आए अफीम खेती मामले को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है। पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे बड़ा इंटेलिजेंस फेलियर बताया है। उन्होंने कहा कि जिले में क्राइम को संभालने के लिए क्राइम ब्रांच की 5 टीमें बनाई गई हैं, जिनमें दो देहात क्षेत्र (धमधा और पाटन), एक दुर्ग, एक भिलाई नगर और एक छावनी क्षेत्र में काम करती है, बावजूद इसके इतना बड़ा अवैध कारोबार चलता रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी। इससे साफ है कि LIB, SB, SIB, IB और ACCU जैसी सभी इंटेलिजेंस एजेंसियां पूरी तरह नाकाम साबित हुई हैं।
पूर्व गृहमंत्री ने कहा कि ग्रामीणों के मुताबिक 3 मार्च को ही पूरे गांव में अफीम खेती की जानकारी फैल गई थी, जबकि 5 मार्च को समोदा के सरपंच ने पुलिस को फोटो भेजकर सूचना भी दी थी, लेकिन तब भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 6 मार्च को सरपंच द्वारा LIB को सूचना देने के बाद ही पुलिस हरकत में आई। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर समय रहते कार्रवाई होती तो आरोपी फरार नहीं होते।
साहू ने यह भी आशंका जताई कि इस मामले के फरार आरोपी श्रवण विश्नोई और अचलाराम जाट को पहले से सूचना देकर भगाया गया हो सकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस जिस गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए थी, वैसी नहीं हो रही और पूरे मामले में लीपापोती की कोशिश दिखाई दे रही है।
उन्होंने चौकी प्रभारी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इतने बड़े मामले में स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग की कि विनायक ताम्रकार के भाई सहित संबंधित पुलिस और राजस्व अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी छत्तीसगढ़ की धरती पर इस तरह का नशे का कारोबार करने की हिम्मत न कर सके।
इस बीच जानकारी मिल रही है कि फरार आरोपियों की तलाश में ACCU और धमधा पुलिस की टीम जोधपुर तक पहुंची, लेकिन अब तक उनके हाथ खाली हैं। चार दिनों से पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला है, जिससे जांच और कार्रवाई पर भी सवाल उठने लगे हैं।
पूर्व गृहमंत्री ने बलरामपुर में सामने आए अफीम खेती के मामले पर भी चिंता जताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को नशे का गढ़ बनने से रोकना सरकार और प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
