2 आरोपी गिरफ्तार, घटना में प्रयुक्त वाहन जप्त
दुर्ग : न्यूज़ 36 : जिले में एटीएम मशीन उखाड़कर चोरी करने की बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त वाहन और उपकरण जब्त किए गए हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणि शंकर चंद्र ने बताया कि 13 नवंबर 2025 की देर रात थाना नंदिनी नगर क्षेत्र के ग्राम ननकट्ठी बस स्टैंड के पास स्थित एटीएम मशीन को अज्ञात आरोपियों द्वारा उखाड़कर चोरी करने का प्रयास किया गया था। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु की।
रेकी कर सुनियोजित तरीके से करते थे वारदात
विवेचना के दौरान सामने आया कि आरोपी एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य हैं, जो विभिन्न राज्यों में एटीएम को निशाना बनाते थे। वारदात से पहले आरोपी सुनसान और हाईवे किनारे स्थित एटीएम की रेकी करते थे और मौके का चयन करते थे।
आरोपियों ने घटना को अंजाम देने के लिए मेटाडोर वाहन चोरी कर उसका इस्तेमाल किया। रस्सी और अन्य उपकरणों की मदद से एटीएम मशीन को खींचकर उखाड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन आसपास के लोगों के जागने पर आरोपी मौके से फरार हो गए।
तकनीकी साक्ष्यों से मिली सफलता
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य राज्यों की पुलिस के सहयोग से आरोपियों की पहचान की। थाना माधवनगर (कटनी) के एक मामले में गिरफ्तार आरोपी आरीफ उर्फ बाडू और अहसान उर्फ एहसास की संलिप्तता सामने आई। न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट लेकर दोनों को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने घटना को अंजाम देना स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि वे वारदात के दौरान मोबाइल बंद रखते थे, इंटरनेट कॉलिंग का उपयोग करते थे और सीसीटीवी कैमरों को निष्क्रिय करने के लिए पेंट/श्रीस का इस्तेमाल करते थे।
अन्य आरोपियों की भी तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, गिरोह के अन्य सदस्य इन्तजार खान, मुकीम और ईनाम भी इस वारदात में शामिल हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
जप्त की गई सामग्री
मेटाडोर वाहन क्रमांक CG 07 AV 1310
एटीएम तोड़फोड़ में प्रयुक्त रस्सी व अन्य उपकरण
पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा
गिरफ्त्तार आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के विभित्र थानों में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि एटीएम या सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। पुलिस की इस कार्रवाई को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।
