भिलाई : न्यूज़ 36 : भिलाई इस्पात संयंत्र में मेन पावर के संकट बाद ठेका श्रमिकों की छंटनी के निर्णय मजदूरों-में असंतोष है। स्टील ठेका श्रमिक यूनियन नेए इंटक ने इसका कड़ा विरोध करते हुए प्रबंधन को चेतावनी दी है कि निर्णय वापस नहीं लेने पर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। मजदूरों के बेकार हो जाने से हजारों परिवार सड़क पर आ जाएंगे।
इंटक की कार्यकारिणी की सेक्टर 4 यूनियन कार्यालय में हुई बैठक में ऑटो रिपेयर शॉप, टी एंड डी, कोको वन एवं सिविल विभाग से आए श्रमिकों ने भाग लिया। बैठक में प्रबंधन द्वारा प्रस्तावित 20% ठेका श्रमिकों की छंटनी के निर्णय का सर्वसम्मति से कड़ा विरोध किया गया तथा इस संबंध में यूनियन को लिखित आपत्ति पत्र सौंपा गया। यूनियन के अध्यक्ष संजय कुमार साहू ने कहा कि यह निर्णय न केवल हजारों श्रमिकों के रोजगार पर सीधा प्रहार है, बल्कि इससे संयंत्र की उत्पादन क्षमता और कार्य व्यवस्था भी गंभीर रूप से प्रभावित होगी। ठेका श्रमिक वर्षों से विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं देते हुए उत्पादन एवं लाभमें महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में श्रमिकों की संख्या कम करना अव्यावहारिक एवं अन्यायपूर्ण है। इससे श्रमिकों का आर्थिक संकट उत्पन्न होगा और सामाजिक असंतोष भी बढ़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रबंधन के निर्णय वापस नहीं लेने पर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
यह हैं मजदूरों की मांगें
20% छंटनी का प्रस्ताव तत्काल वापस लिया जाए, ठेका श्रमिकों की नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ उत्पादन वृद्धि के लिए श्रमिक हितैषी एवं सकारात्मक नीतियां लागू की जाएं, श्रमिकों को केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन अथवा 26,000 प्रतिमाह वेतन प्रदान किया जाए। बैठक में यूनियन के सीपी. वर्मा, दीनानाथ सिंह, सार्वा आर., दिनेश, गुरुदेव साहू, किशोर प्रधान, पीके विश्वास, जयराम ध्रुव, दामन लाल, कान्हा राम, कुलेश्वर, देवेंद्र कुमार, महेंद्र कुमार, नरेंद्र, कामता पटेल, बलराम वर्मा सहित अन्य कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे।
