भिलाई : न्यूज़ 36 : नेशनल जॉइंट कमेटी फॉर स्टील (NJCS) की सब-कमेटी की अहम बैठक शुक्रवार सुबह 11:25 बजे शुरु हुई, जिसमें वेतन समझौते से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। शुरुआती दौर से ही यूनियनों ने 39 महीने के एरियर, एक्स्ट्रा डेक्रीमेंट, एचआरए में बढ़ोतरी तथा एरियर के साथ 28% पर्क्स को अपनी मुख्य और प्राथमिक मांग के रूप में जोरदार तरीके से रखा।
बैठक में शामिल सभी ट्रेड यूनियनों ने संयुक्त स्वर में मैनेजमेंट के सामने कर्मचारियों के हित में मजबूत तर्क रखे। यूनियनों ने कहा कि कर्मचारियों ने लंबे समय तक बिना किसी विरोध के संयम दिखाया है, इसलिए उनके वैध बकाया और लाभ देना मैनेजमेंट की जवाबदेही है, न कि कोई अतिरिक्त मांग।

मैनेजमेंट की तरफ से अब तक निराशा लंच ब्रेक तक चली बैठक में मैनेजमेंट की तरफ से किसी भी मुद्दे पर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी गई। खासतौर पर 39 महीने के एरियर पर मैनेजमेंट ने साफ तौर पर मना कर दिया, जिससे यूनियन प्रतिनिधियों में नाराज़गी बढ़ गई।
सूत्रों के अनुसार, मैनेजमेंट एरियर भुगतान को लेकर “वित्तीय भार” का हवाला दे रहा है, जबकि यूनियनें यह तर्क दे रही हैं कि पिछले वर्षों में स्टील सेक्टर में उत्पादन और लाभ दोनों बढ़े हैं, ऐसे में कर्मचारियों के हक़ की अनदेखी किसी भी तरह स्वीकार्य नहीं है।

यूनियनों ने जताया कड़ा विरोध
यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि मैनेजमेंट एरियर, इंक्रीमेंट और HRA जैसे मुद्दों पर ठोस प्रस्ताव नहीं देता है, तो आंदोलनात्मक कदमों पर भी विचार किया जा सकता है। उनका कहना है कि कर्मचारियों से उत्पादन की उम्मीद तो की जाती है, लेकिन जब उनके हितों की बात आती है तो मैनेजमेंट हर बार टालमटोल करता है। CITU/SWFI की तरफ से कॉमरेड बिस्वरूप बंदोपाध्याय मीटिंग में शामिल है।
