बिजली पोलों पर धड़ल्ले से लग रहे पोस्टर
सार्वजनिक जगहों पर अवैध होर्डिंग्स की भरमार,
निगम की कार्रवाई पर उठे सवाल बरसात में राहगीरों की सुरक्षा भी घेरे में
दुर्ग : न्यूज़ 36 : शहर में एक बार फिर ‘पोस्टर पॉलिटिक्स’ को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। बिजली के पोल, चौक-चौराहों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगातार लगाए जा रहे पोस्टर और होर्डिंग्स ने नगर निगम की व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है। सबसे अहम बात यह है कि दुर्ग महापौर अलका बाघमार ने अपने जन्मदिन के दौरान स्पष्ट रूप से निर्देश दिए थे कि बिजली के पोल अथवा सार्वजनिक स्थानों पर उनके पोस्टर-कटआउट न लगाए जाएं। इसके बावजूद शहर के अलग-अलग हिस्सों में पोस्टर दिखाई देना इन निर्देशों के पालन पर सवाल खड़े कर रहा है।
महापौर के निर्देश के बाद भी पोस्टर कैसे ?
महापौर द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर नहीं लगाने की अपील के बावजूद यदि शहर में होर्डिंग्स और पोस्टर लगाए जा रहे हैं, तो सवाल यह उठता है कि इन पर निगरानी और कार्रवाई की जिम्मेदारी निभाने वाला निगम अमला आखिर कहां है।
क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है या फिर शिकायत और कार्रवाई के बीच कोई बड़ी खामी बनी हुई है ?
सिर्फ खूबसूरती नहीं, सुरक्षा का भी सवाल ?
बरसात के मौसम में तेज हवाओं और आंधी-तूफान के बीच बिजली के पोल और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए बड़े होर्डिंग्स एवं कटआउट राहगीरों के लिए खतरा बन सकते हैं। यदि कोई कमजोर या अवैध संरचना गिरती है तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। ऐसे में मामला केवल शहर की सुंदरता और नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं, बल्कि जनसुरक्षा से भी सीधे जुड़ा हुआ है।
निगम की कार्रवाई पर निगाहें ?
शहरवासियों के बीच अब चर्चा है कि जब महापौर स्वयं सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर-कटआउट नहीं लगाने के निर्देश दे चुकी हैं, तो फिर इन निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।
क्या नगर निगम अवैध होर्डिंग्स को हटाने के लिए कोई अभियान चलाएगा..?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है— क्या महापौर अलका बाघमार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश देंगी, या फिर दुर्ग में ‘पोस्टर पॉलिटिक्स’ का खेल यूं ही चलता रहेगा..?
